छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करते अभिजीत दिपके ने सरकार से की मांगें पूरी करने की अपील
छात्रों के अधिकारों के लिए जारी है आंदोलन
छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान, अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से संबंधित मुद्दों के लिए है। इसलिए, आंदोलन को वापस लेने का कोई सवाल नहीं है जब तक सरकार सकारात्मक कदम नहीं उठाती।
दिपके ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में छात्र इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं और अपनी मांगों के लिए एकजुट हैं। उनका मानना है कि छात्रों की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता और सरकार को जल्द से जल्द संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
इस बीच, उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक से भी अपील की कि वे अपना अनशन समाप्त करें। दिपके ने कहा कि वांगचुक का स्वास्थ्य देश के लिए महत्वपूर्ण है और उनका संघर्ष पहले ही लोगों तक अपना संदेश पहुंचा चुका है। उन्होंने आग्रह किया कि वांगचुक अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन खत्म करें और आगे की लड़ाई संवाद और लोकतांत्रिक तरीकों से जारी रखें।
दिपके ने कहा कि छात्रों का आंदोलन और सोनम वांगचुक का संघर्ष दोनों ही जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर करने का प्रयास हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार सभी पक्षों से बातचीत कर जल्द ही ऐसा समाधान निकालेगी, जिससे छात्रों की मांगों का सम्मान हो सके और आंदोलन का सकारात्मक अंत हो।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार बातचीत के लिए आगे आती है और छात्रों की मांगों पर ठोस आश्वासन देती है, तो आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। फिलहाल, छात्रों का रुख स्पष्ट है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र संगठनों ने कहा है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते रहेंगे और किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था से दूर रहकर लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे। अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया और संभावित वार्ता पर है।