छत्तीसगढ़ में 1500 करोड़ के वायरल वीडियो का खुलासा: डीपफेक का मामला
छत्तीसगढ़ में वायरल वीडियो की सच्चाई
छत्तीसगढ़ से एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें 1500 करोड़ रुपये के वायरल वीडियो को लेकर पुलिस ने खुलासा किया है कि यह एक डीपफेक वीडियो था, जिसका उद्देश्य बीजेपी सरकार को बदनाम करना था। इस वीडियो ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी थी। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह वीडियो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा निर्मित था और इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया था। इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी पेश की है.
1500 करोड़ रुपये के वायरल वीडियो का मामला क्या है?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा था, जिसमें बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं पर 1500 करोड़ रुपये की उगाही का आरोप लगाया गया था। 19 दिसंबर 2025 को बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने रायपुर के सिविल लाइंस थाने में इस संबंध में FIR दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि यह वीडियो AI की मदद से तैयार किया गया है.
इस वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और अन्य नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। वीडियो में यह दावा किया गया था कि यह 1500 करोड़ रुपये का कलेक्शन पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के लिए किया जा रहा है.
मुख्य साजिशकर्ता का खुलासा
पुलिस की गहन जांच और मोबाइल व पेनड्राइव से मिले सबूतों के आधार पर इस साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस के अनुसार, इस साजिश का मास्टरमाइंड NSUI का प्रदेश प्रवक्ता असलम मिर्जा है। असलम ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री कार्यालय में सोशल मीडिया देखने वाले आकाश जोशी को शामिल किया.
आकाश जोशी एक मीडिया फर्म चलाता है, जिसके ऊपर 1 करोड़ रुपये का बकाया था। इसी कारण आकाश ने एंटी-बीजेपी सामग्री बनाने का निर्णय लिया। असलम और यश डागा ने इस फर्जी सामग्री को वायरल करने में मदद की। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उठाए सवाल
इस मामले के खुलासे के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि अगर आकाश जोशी का 1 करोड़ रुपये बकाया था, तो वह अपनी ही सरकार के खिलाफ सामग्री कैसे तैयार कर सकता है? उन्होंने यह भी पूछा कि 1500 करोड़ रुपये की वसूली किसके कहने पर हो रही थी और वह पैसा कहां गया?