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चूरू में विधिक सेवा प्राधिकरण का निरीक्षण: बंदियों और बच्चों की सुविधाओं का मूल्यांकन

राजस्थान के चूरू में विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिला कारागृह और किशोर न्याय बोर्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों और बच्चों की सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया, जिसमें चिकित्सा, कानूनी सहायता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। सचिव कृष्णा राकेश कांवत ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और न्यायिक सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह निरीक्षण न्याय तक समान पहुंच और विधिक सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
 

चूरू में विधिक सेवा प्राधिकरण का निरीक्षण


चूरू। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने रविवार को जिला कारागृह और किशोर न्याय बोर्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों और किशोर गृह में रह रहे बच्चों की सुविधाओं, लंबित मामलों और विधिक सहायता की स्थिति का गहन मूल्यांकन किया गया।


निरीक्षण के दौरान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कृष्णा राकेश कांवत ने कारागृह में बंदियों से सीधा संवाद किया और उनकी व्यक्तिगत तथा कानूनी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि सभी पात्र बंदियों को समय पर न्यायिक सहायता मिले।


इस निरीक्षण में चिकित्सा सुविधाओं, बैरकों की स्थिति, सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली, पुस्तकालय, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाए।


इस अवसर पर बंदियों को राष्ट्रीय लोक अदालत, पीड़ित प्रतिकर योजना, मध्यस्थता और विभिन्न विधिक सेवा अभियानों के बारे में जागरूक किया गया। इसके अलावा, विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदियों के मामलों में अपील की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।


सचिव कृष्णा राकेश कांवत ने किशोर न्याय बोर्ड का भी निरीक्षण किया, जहां बच्चों के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। उन्होंने बच्चों को भोजन, चिकित्सा, पेयजल और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।


निरीक्षण के दौरान बच्चों को उनके अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बच्चों के हितों की सुरक्षा प्राथमिकता हो और उनके मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।


जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि नियमित निरीक्षणों का उद्देश्य कारागृहों और किशोर न्याय संस्थानों में रह रहे लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। इससे न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और विधिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।