चीन में सर्जरी के दौरान युवक की मौत, मोटापे से लड़ने की कोशिश में बनी त्रासदी
मोटापे की समस्या और सर्जरी का खतरा
वर्तमान समय में मोटापा एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे लोग तेजी से प्रभावित हो रहे हैं। जीवनशैली में बदलाव के कारण वजन बढ़ने की समस्या आम होती जा रही है। हालांकि, अब लोग इस विषय में जागरूक हो रहे हैं और वजन कम करने के लिए विभिन्न उपाय अपना रहे हैं। कुछ लोग स्वस्थ आहार का पालन कर रहे हैं, जबकि अन्य व्यायाम कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग बिना मेहनत के सर्जरी का सहारा ले रहे हैं।
चीन के एक युवक ने भी इसी शॉर्टकट का सहारा लिया। उसने वजन कम करने के लिए सर्जरी करवाई, लेकिन परिणाम उसके लिए भयानक साबित हुआ। युवक का वजन अधिक था, और उसकी प्रेमिका के परिवार को एक फिट दामाद चाहिए था। इस दबाव में आकर युवक ने सर्जरी करवाने का निर्णय लिया। लेकिन यह सर्जरी सफल नहीं रही और युवक की मृत्यु हो गई। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
प्यार की खातिर सर्जरी का निर्णय
ली जियांग, जो एक मध्यमवर्गीय परिवार से था, ने अपनी प्रेमिका से कॉलेज में मुलाकात की थी। दोनों के बीच गहरा प्यार था, और प्रेमिका को उसके मोटापे से कोई समस्या नहीं थी। लेकिन जब शादी की बात आई, तो प्रेमिका के माता-पिता ने लड़के के वजन पर आपत्ति जताई। इस पर ली ने खुद को बदलने का निर्णय लिया। उसका वजन 120 किलो से अधिक था। डॉक्टरों ने उसे सलाह दी थी कि सर्जरी से पहले उसे डाइट और व्यायाम करना चाहिए, लेकिन शादी की तारीख नजदीक थी। इसलिए, उसने एक प्राइवेट क्लिनिक में गैस्ट्रिक बाइपास सर्जरी करवाई। इस प्रक्रिया में पेट का आकार छोटा किया जाता है ताकि व्यक्ति कम खा सके और वजन घटा सके। सर्जरी सफल रही, लेकिन पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल में लापरवाही ने उसकी जान ले ली।
सर्जरी के बाद की जटिलताएँ
सर्जरी के अगले दिन युवक को उल्टी, सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसकी मदद नहीं कर सके। संक्रमण और रक्तस्राव के कारण उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना से उसकी प्रेमिका गहरे सदमे में है। डॉक्टरों का कहना है कि गैस्ट्रिक बाइपास सर्जरी के 1-2% मामलों में जानलेवा हो सकती है, विशेषकर जब मरीज का बीएमआई 40 से अधिक हो या उसे डायबिटीज या हृदय रोग हो। ली के मामले में पोस्ट-ऑपरेटिव संक्रमण मुख्य कारण था। चीन में ऐसी सर्जरी की संख्या बढ़ रही है, लेकिन नियमों की कमी के कारण कई क्लिनिक बिना लाइसेंस के ऑपरेशन कर रहे हैं, जिससे ऐसी घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं।