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चारधाम यात्रा में बढ़ती मौतों का आंकड़ा, 105 श्रद्धालुओं की जान गई

चारधाम यात्रा के दौरान 39 दिनों में 105 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिसमें से अधिकांश स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई हैं। गर्मी के बढ़ने से मौतों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यात्रा के लिए 23 लाख से अधिक लोग पहुंच चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार ने यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा किया है, लेकिन बढ़ती मौतों ने गंभीर चिंताओं को जन्म दिया है।
 

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की मौतें

देहरादून: चारधाम यात्रा की शुरुआत के 39 दिनों के भीतर 105 से अधिक श्रद्धालुओं की मृत्यु हो चुकी है। 2025 में यात्रा के पहले 28 दिनों में यह संख्या 56 थी, जबकि पूरी यात्रा के दौरान 83 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान गई थी। गर्मी के बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं की मौतों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। इनमें से 104 यात्रियों की मृत्यु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण हुई, जबकि एक श्रद्धालु की जान प्राकृतिक आपदा के चलते गई। केदारनाथ में सबसे अधिक मौतें हुई हैं।


मौतों का विवरण

केदारनाथ धाम में 50, बद्रीनाथ में 30, यमुनोत्री में 15 और गंगोत्री-गौमुख क्षेत्र में 10 मौतें दर्ज की गई हैं। हाल ही में टिहरी के देवप्रयाग में महाराष्ट्र के दो तीर्थयात्रियों, 49 वर्षीय किशन नरहरि और 81 वर्षीय विमल ज्ञानोबा, की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई।


यात्रियों की संख्या और स्वास्थ्य सुविधाएं

अब तक 23 लाख से अधिक लोग चारधाम में पहुंच चुके हैं और रजिस्ट्रेशन 42 लाख के पार हो चुका है। सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल तैयारियों का दावा कर रही है, लेकिन बढ़ती मौतों की संख्या यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य चुनौतियों और उच्च ऊंचाई से जुड़ी समस्याओं को उजागर कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अधिकांश मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हाइपरटेंशन और अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं।


सरकारी तैयारी और एडवाइजरी

चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सरकार ने कई समीक्षा बैठकें की थीं। सभी विभागों को यात्रा की तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। सरकार का कहना है कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें बुजुर्गों और स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त लोगों को स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई थी।


स्वास्थ्य मंत्री की चेतावनी

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल ने कहा कि कई यात्री अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज कर यात्रा पूरी करने की कोशिश करते हैं, जिससे हार्ट अटैक और हाई एल्टीट्यूड की समस्याएं बढ़ जाती हैं।


चारधाम यात्रा का शुभारंभ

चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसी दिन यमुनोत्री धाम में पहली पूजा पीएम मोदी के नाम की थी।