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चक्रवात अर्नब का प्रभाव: ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, बंगाल और मध्य प्रदेश में अलर्ट

चक्रवात अर्नब का प्रभाव ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी मौसम का असर बढ़ रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है और राहत-बचाव टीमों को तैयार रखा है। आने वाले 24 से 48 घंटे इन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जहां बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
 

चक्रवात अर्नब का असर


बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र का प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में महसूस किया जा रहा है। यह प्रणाली 23-24 सितंबर की रात को उत्तर आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के निकट तट को पार कर चुकी है। इस दौरान हवाओं की गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि झोंकों में यह गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तट पार करने के बाद यह प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर हो रही है, लेकिन इसके प्रभाव से कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है.


ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बारिश का प्रभाव

तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा में इस प्रणाली के कारण तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी है। ओडिशा के कई जिलों में पहले से ही भारी बारिश हो चुकी है। राज्य प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और राहत-बचाव टीमों को तैयार रखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार, ओडिशा में 1,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.


पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी

इस मौसम प्रणाली का प्रभाव पश्चिम बंगाल तक पहुंचने की संभावना है। दक्षिण बंगाल और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। 25 सितंबर को भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है.


छत्तीसगढ़ में रेड और ऑरेंज अलर्ट

चक्रवाती प्रणाली का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दे रहा है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 24 सितंबर को राज्य में भारी से अति भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट और 25-26 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.


मध्य प्रदेश में बारिश का दौर

मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी इस प्रणाली का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.


सिस्टम कमजोर हो रहा, लेकिन बारिश का खतरा बरकरार

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तट पार करने के बाद प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश का प्रभाव तुरंत समाप्त हो जाएगा। जमीन के ऊपर आगे बढ़ते हुए यह प्रणाली आसपास के राज्यों में नमी और बारिश को प्रभावित कर सकती है.


संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की प्राथमिकता

ओडिशा और आंध्र प्रदेश से शुरू हुआ मौसम का यह असर अब छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश समेत आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। आने वाले 24 से 48 घंटे इन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बारिश के साथ तेज हवाओं और गरज-चमक की गतिविधियां कई जगहों पर परेशानी बढ़ा सकती हैं.