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चक्रवात अर्नब: ओडिशा में भारी बारिश और सुरक्षा उपायों की तैयारी

चक्रवात अर्नब के आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने से ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने सुरक्षा उपायों के तहत कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद करने का आदेश दिया है। राहत कार्यों के लिए 302 रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है। जानें इस चक्रवात के प्रभाव और सरकारी तैयारियों के बारे में।
 

चक्रवात अर्नब का प्रभाव


भुवनेश्वर। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने से ओडिशा के कई क्षेत्रों में इसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों और उत्तरी आंध्र प्रदेश में तेज बारिश और हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात 28 अक्टूबर को बापटला और विशाखापट्टनम के बीच यानम के पास एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में टकरा सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, जो बढ़कर 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी जा सकती है।


सरकारी चेतावनी और सुरक्षा उपाय

चक्रवात के गंभीर खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने ओडिशा के पांच दक्षिणी जिलों—गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए लाल चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, कालाहांडी, कंधमाल, नबरंगपुर, बलांगीर, पुरी, खोरधा, नयागढ़, बरगढ़ और नुआपाड़ा जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 28 और 29 अक्टूबर को इन जिलों में सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है।


मुख्यमंत्री की समीक्षा और राहत कार्य

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी विभागों और जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 302 रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है। निचले इलाकों में रहने वाले संवेदनशील लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है, और गर्भवती महिलाओं तथा मरीजों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया जा रहा है। जोखिम वाले जिलों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आठ मंत्रियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है।


मछुआरों के लिए चेतावनी और प्रशासनिक कदम

समुद्र में तेज लहरों और खराब मौसम के कारण मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है, और सभी नौकाओं को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा किया गया है। गंजाम जिला प्रशासन ने गोपालपुर और सोनापुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों और समुद्र तटों को 30 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। इसके अलावा, चक्रवात के प्रभाव के कारण ओडिशा लोक सेवा आयोग (OPSC) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के कुछ प्रश्न पत्रों की तिथियों में बदलाव किया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आधिकारिक बुलेटिनों पर ध्यान दें और गैर-जरूरी यात्रा से बचें।