चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें: जानें महत्वपूर्ण बातें
चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल
3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। इस ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ हो जाएगा, जो कि 9 घंटे पहले है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल के दौरान कई कार्य वर्जित होते हैं। यदि इन कार्यों को किया गया, तो इसका परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियाँ
गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोण से यह महत्वपूर्ण है। उन्हें ग्रहण के समय बाहर नहीं निकलना चाहिए और धारदार वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी और उनके बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियाँ प्रबल हो जाती हैं, जो गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चों को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
ग्रहण के समय खाने-पीने से बचना चाहिए, सिवाय गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों के। यदि कोई खाना चाहता है, तो सूतक काल शुरू होने से पहले खाने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालना चाहिए।
ग्रहण के दौरान सोने से बचना चाहिए। नकारात्मकता से बचने के लिए मंत्र जाप करना और भगवान का स्मरण करना बेहतर होता है।
सूतक काल शुरू होते ही तुलसी को छूना या भगवान को स्पर्श करना वर्जित है। घर के मंदिर के दरवाजे बंद कर देने चाहिए।