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चंदौली में रिटायर्ड जवान का एनकाउंटर: एक खतरनाक साइको किलर का खुलासा

उत्तर प्रदेश के चंदौली में एक रिटायर्ड जवान गुरप्रीत सिंह का एनकाउंटर हुआ, जो एक खतरनाक साइको किलर था। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि उसके निशाने पर 7 और लोग थे। यदि उसे समय पर नहीं पकड़ा जाता, तो मृतकों की संख्या बढ़ सकती थी। जानें उसकी कहानी, मानसिक स्थिति और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

चंदौली में एनकाउंटर का मामला

चंदौली समाचार: उत्तर प्रदेश के चंदौली में एक एनकाउंटर में सेना के रिटायर्ड जवान गुरप्रीत सिंह की मौत हुई, जो एक साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक खतरनाक साइको किलर था। पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि गुरप्रीत की नजर में 7 और लोग थे। यदि उसे समय पर नहीं पकड़ा जाता, तो मृतकों की संख्या दहाई तक पहुंच सकती थी। क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान पुलिस की पिस्टल छीनने की कोशिश करने वाला गुरप्रीत अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसने कई भयानक कहानियाँ छोड़ दी हैं।


गुरप्रीत सिंह का परिचय

गुरप्रीत सिंह, 45 वर्ष, पंजाब के तरनतारन जिले के तरहतूचक गांव का निवासी था। उसने 2006 में सेना में भर्ती होकर 2021 में 15 साल की सेवा के बाद रिटायरमेंट लिया। गांव वालों के अनुसार, वह सेना में रहते हुए एक पूर्ण सिख के रूप में जीवन यापन करता था।


रिटायरमेंट के बाद, वह डिप्रेशन का शिकार हो गया और तनाव में आकर उसने अपने बाल कटवा लिए और दाढ़ी भी हटा दी। वह शराब का आदी हो गया और अधिकतर समय चुप रहता था। उसके पास लगभग 10 बीघा जमीन थी और वह अपने परिवार के साथ एक बड़े घर में रहता था।


नौकरी छूटने के बाद का बदलाव

सेना से रिटायर होने के बाद, गुरप्रीत ने एक सुरक्षा एजेंसी में नौकरी की, लेकिन शराब पीने की आदत के कारण उसे वहां से निकाल दिया गया। इसके बाद, 29 अप्रैल को वह बिहार के आरा पहुंचा और एक बैंक में गार्ड की नौकरी शुरू की।


हालांकि, वहां भी उसे कर्मचारियों और ग्राहकों के साथ झगड़े का सामना करना पड़ा, जिसके बाद बैंक मैनेजर ने उसे नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद, वह चंदौली और मुगलसराय के आसपास भटकने लगा, जहां उसके अंदर का साइको किलर जाग उठा।


हथियारों के साथ घूमता रहा कातिल

गुरप्रीत की गिरफ्तारी ने रेलवे सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों को उजागर किया है। वह अपने बैग में एक रिवॉल्वर और एक डबल बैरल बंदूक लेकर घूम रहा था। उसने बंदूक की नाल को काट दिया था ताकि वह आसानी से बैग में समा सके।


यह चौंकाने वाली बात है कि मुगलसराय जैसे बड़े जंक्शन पर मेटल डिटेक्टर उसे पकड़ नहीं सके। वह रात भर स्टेशन पर रहा और फिर ट्रेनों में हत्याएं कीं। इसके बाद, उसने एक अस्पताल में भर्ती महिला को भी मार डाला।


गुरप्रीत की मानसिक स्थिति

वाराणसी रेंज के DIG वैभव कृष्णा ने बताया कि गुरप्रीत के पास लगभग 10 हजार रुपए और कुछ कपड़े थे। पूछताछ के दौरान, वह हत्याओं का कोई ठोस कारण नहीं बता सका। डीआईजी के अनुसार, "उसे खुद नहीं पता था कि उसे कहां जाना है। जो भी उसके सामने आया, उसने उसे गोली मार दी।"


फिलहाल, पुलिस उसके पुराने आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। पंजाब में उसके परिवार को सूचित कर दिया गया है, लेकिन उसकी पत्नी को अभी उसकी मौत की खबर नहीं दी गई है।