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ग्रेटर नोएडा में युवक के बैंक खाते में अरबों रुपये की रहस्यमय आमद

ग्रेटर नोएडा के ऊंची दनकौर गांव में एक बेरोजगार युवक के बैंक खाते में अचानक अरबों रुपये जमा होने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। युवक ने जब बैंक से जानकारी मांगी, तो उसे बताया गया कि उसका खाता फ्रीज कर दिया गया है। इस घटना की जांच पुलिस और आयकर विभाग द्वारा की जा रही है। जानें इस रहस्यमय मामले के पीछे की सच्चाई क्या हो सकती है।
 

बैंक खाते में अरबों रुपये की अनपेक्षित आमद


नोएडा। ग्रेटर नोएडा के ऊंची दनकौर गांव में एक बेरोजगार युवक के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में अचानक अरबों रुपये की राशि जमा होने का मामला सामने आया है। युवक ने जब इस बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, तो बैंक ने उसे बताया कि उसका खाता फ्रीज कर दिया गया है। इस घटना की जांच पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है और आयकर विभाग को भी सूचित किया गया है।


दीपक उर्फ दीपू, जो बेरोजगार है, ने दो महीने पहले ही इस बैंक में खाता खोला था। उसकी मां गायत्री का निधन दो महीने पहले हुआ था और पिता कैलाश का भी काफी समय पहले निधन हो चुका है। दीपक ने शनिवार को अपने मोबाइल पर एक संदेश देखा जिसमें उसके खाते में करोड़ों रुपये आने की सूचना थी।


जब वह सोमवार को बैंक पहुंचा, तो अधिकारियों ने उसे बताया कि उसका खाता फ्रीज है। दीपक ने जब अपने खाते की जांच की, तो उसे पता चला कि उसमें 10,01,35,60,00,00,00,00,00,01,00,23,56,00,00,00,00,299 रुपये जमा हैं। इस राशि को देखकर वह हैरान रह गया।


बैंक के अधिकारियों ने उसे जानकारी देने से इनकार कर दिया और उसे वापस भेज दिया। इस घटना की जानकारी पूरे क्षेत्र में फैल गई और लोग तरह-तरह की बातें करने लगे।


कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि किसी बचत खाते में इतनी बड़ी राशि नहीं आ सकती। पुलिस मामले की तकनीकी जानकारी जुटा रही है और युवक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।


पुलिस ने कहा कि बैंक जाकर मामले की जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि यह राशि कहां से आई।


इस घटना के बाद युवक को रिश्तेदारों और परिचितों के फोन आने लगे, जिससे वह घबरा गया और उसने अपना फोन बंद कर दिया।


आयकर विभाग ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतनी बड़ी राशि उसके खाते में कैसे आई। यह स्पष्ट नहीं है कि यह बैंकिंग त्रुटि थी, तकनीकी गड़बड़ी थी या मनी लॉन्ड्रिंग का मामला था।