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गोवा के आर्कबिशप ने अल्पसंख्यकों पर हमलों की चिंता जताई

गोवा के आर्कबिशप फिलिप नेरी कार्डिनल फेराओ ने नए साल के अवसर पर अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर ईसाइयों पर हाल में हुए हमलों की चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले अधिकारियों की चुप्पी के कारण बढ़ रहे हैं और इस पर कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने हाल के दिनों में अल्पसंख्यकों के बीच असुरक्षा की भावना को लेकर गहरी चिंता जताई और अधिकारियों से अपील की कि वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को समझें। इस संदेश में त्योहारों के दौरान सताए जाने की गंभीरता को भी उजागर किया गया है।
 

आर्कबिशप का संदेश: एकता और सुरक्षा की आवश्यकता

आर्कबिशप फिलिप नेरी कार्डिनल फेराओ

गोवा के आर्कबिशप ने हाल ही में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर ईसाइयों पर हुए हमलों के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले अधिकारियों की चुप्पी के कारण बढ़ रहे हैं और इस पर कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने इसे भारत की विविधता और शांति के लिए एक गंभीर खतरा बताया।

फिलिप नेरी कार्डिनल फेराओ ने बुधवार को कहा कि कुछ समुदायों को अपने प्रिय त्योहार मनाने में बाधा डाली जा रही है, जिसमें अधिकारियों की भी संलिप्तता है। उन्होंने क्रिसमस के दौरान ईसाइयों पर हुए हमलों का उल्लेख किया और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच असुरक्षा की भावना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि कुछ समुदायों को अपने महत्वपूर्ण त्योहार मनाने के लिए सताया जा रहा है, और अक्सर इसमें अधिकारियों की मिलीभगत होती है।

हालिया घटनाओं से बढ़ी असुरक्षा- फिलिप नेरी

फिलिप नेरी कार्डिनल फेराओ ने नए साल की शुभकामनाएं देते हुए हाल की घटनाओं का उल्लेख किया। हालिया हमलों के कारण अल्पसंख्यक समुदायों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। क्रिसमस समारोह के दौरान कई हिस्सों में ईसाइयों पर हुए हमले इस प्रवृत्ति का एक दुखद उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे राष्ट्र के नैतिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं, जो पारंपरिक रूप से शांतिप्रिय रहा है। आर्कबिशप ने कहा कि ये घटनाएं न केवल ईसाई समुदायों को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि उन पवित्र मूल्यों का भी उल्लंघन करती हैं जिनके लिए भारत हमेशा खड़ा रहा है।

त्योहारों के दौरान सताए जाने की चिंता- फादर फेराओ

नेरी कार्डिनल फेराओ ने कहा कि यह एक गंभीर चिंता का विषय है कि भारत का संविधान धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, फिर भी कुछ समुदायों को अपने त्योहार मनाने में बाधा आती है। उन्होंने सभी स्तरों पर अधिकारियों से अपील की कि वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को समझें और उचित कार्रवाई करें। अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए।