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गोली कोहकान: एक बलूच महिला की दर्दनाक कहानी और फांसी की सजा का खतरा

गोली कोहकान की कहानी एक बलूच महिला की है, जो अपने पति के अत्याचारों का शिकार हुई और अब हत्या के आरोप में फांसी की सजा का सामना कर रही है। 12 साल की उम्र में शादी और 13 साल की उम्र में मां बनने के बाद, उसने कई कठिनाइयों का सामना किया। इस मामले में संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है, यह बताते हुए कि यह घरेलू हिंसा और लैंगिक भेदभाव का एक उदाहरण है। जानें उसके संघर्ष और न्याय की खोज के बारे में।
 

गोली कोहकान की मार्मिक कहानी


गोली कोहकान की कहानी अत्यंत दुखद है। बचपन से ही उसने कई कठिनाइयों का सामना किया। अब उस पर अपने पति की हत्या का आरोप लगाया गया है। इस महीने उसे कभी भी फांसी दी जा सकती है। यह कहानी है एक ऐसी लड़की की, जिसके सपने बचपन में ही चुराए गए। जब उसे गुड्डे-गुड़ियों से खेलने का समय था, तब वह मां बन गई। उसके पति ने उस पर अत्याचार किए, और अब उसे मौत की सजा सुनाई गई है। लेकिन इसके पीछे की वजह क्या है?


ईरान में गोली कोहकान का मामला

गोली कोहकान, जो ईरान की एक बलूच महिला है, अब 25 वर्ष की हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि वह शायद 2026 का सूरज नहीं देख पाएगी, क्योंकि उसे इसी महीने फांसी दी जा सकती है। उस पर अपने पति की हत्या का आरोप है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला ईरान की न्याय प्रणाली में बाल विवाह और घरेलू हिंसा का शिकार महिलाओं के प्रति लैंगिक भेदभाव का उदाहरण है। यदि उसे फांसी दी जाती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन होगा।


कम उम्र में शादी और मातृत्व

कोहकान की उम्र लगभग 12 वर्ष थी जब उसे अपने चचेरे भाई से शादी करने के लिए मजबूर किया गया। महज 13 साल की उम्र में वह एक बेटे की मां बन गई। बच्चे के जन्म के समय उसे कोई चिकित्सा सहायता नहीं मिली और उसने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया।


पति के अत्याचार

कम उम्र में शादी और मातृत्व ही कोहकान के दुखों का अंत नहीं था। उसके पति ने उसे हर दिन शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी। 2018 में, जब वह 18 वर्ष की थी, उसके पति ने कोहकान और उसके 5 साल के बेटे को पीटना शुरू कर दिया। वर्षों से सहन किए गए दर्द को देखकर, कोहकान ने अपने बेटे की रक्षा के लिए कदम उठाया।


पति की हत्या का आरोप और न्यायालय की कार्यवाही

आरोप है कि उसने अपने पति की हत्या कर दी। इस मामले की सुनवाई ईरान की अदालत में चल रही थी, और अब उसे फांसी की सजा सुनाई गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोहकान घरेलू हिंसा और न्याय प्रणाली की कमियों का शिकार है।


Blood Money की मांग

कोहकान अनपढ़ है और उसे कानूनी सहायता नहीं मिल रही है। उस पर पति की हत्या के आरोप को स्वीकार करने के लिए दबाव डाला गया है। उसकी फांसी माफ करने की एक ही शर्त है, यदि वह 90,000 डॉलर (लगभग 81 लाख रुपये) का Blood Money का भुगतान करे। यह राशि उसके लिए जुटाना संभव नहीं है।