☰
×

गुवाहाटी में छात्रा की संदिग्ध मौत: अंतिम फोन कॉल ने बढ़ाए सवाल

गुवाहाटी में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उसकी अंतिम फोन कॉल में उसने अपनी मां से मदद मांगी थी, जिसके बाद उसका शव एक होमस्टे से बरामद हुआ। पुलिस ने उसके साथ मौजूद व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं से की जा रही है। क्या निमिषा की मौत के पीछे कोई साजिश है? जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

गुवाहाटी में छात्रा की संदिग्ध मौत


गुवाहाटी में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा, निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। उसका शव शहर के अजारा क्षेत्र में एक होमस्टे से बरामद किया गया। पुलिस ने उसके साथ मौजूद 26 वर्षीय आसिफ अली को हिरासत में लिया है और मामले की जांच हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं से की जा रही है। आरोपी ने पुलिस के सामने मौत के बारे में अलग दावा किया है, जिसकी जांच की जा रही है।


आधी रात मां को किया फोन

इस मामले में निमिषा की आखिरी फोन कॉल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिवार के मित्र गौतम दास के अनुसार, रात लगभग 2 बजे निमिषा ने अपनी मां को फोन किया। उसने फोन पर रोते हुए कहा, 'मां, वे मुझे मार डालेंगे।'


परिवार का कहना है कि इसके बाद फोन कट गया और निमिषा से दोबारा संपर्क नहीं हो सका। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उसके बाद उसका फोन बंद हो गया। परिवार ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी और उसकी तलाश शुरू की।


बेहोशी की हालत में मिली

पुलिस के अनुसार, शनिवार तड़के निमिषा को होमस्टे से बेहोशी की हालत में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से उसे गौहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


पुलिस ने बताया कि उस समय निमिषा आसिफ अली के साथ थी। घटना के बाद पुलिस ने आसिफ को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। होमस्टे के मालिक, केयरटेकर और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।


शरीर पर चोट के निशान

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, निमिषा के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये चोटें कैसे लगीं और उसकी मौत का असली कारण क्या था। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


हालांकि, मौत की अंतिम वजह अभी भी जांच का विषय है, इसलिए इसे हत्या के रूप में अंतिम रूप से नहीं माना गया है।


बॉयफ्रेंड का अलग दावा

पुलिस के अनुसार, आसिफ अली ने पूछताछ के दौरान मौत के बारे में अलग दावा किया है। पुलिस ने उसके बयान को अंतिम सत्य नहीं माना है और घटनास्थल से मिले सबूतों तथा अन्य लोगों के बयानों से उसका मिलान किया जा रहा है। गुवाहाटी वेस्ट के DCP बोलिन देओरी के मुताबिक, जांच जारी है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं को देख रही है।


होमस्टे स्टाफ से पूछताछ

पुलिस ने होमस्टे के कर्मचारियों से भी पूछताछ शुरू की है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में केयरटेकर द्वारा रात में कमरे से आवाजें सुनने की बात कही गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि रात के दौरान कमरे में कौन-कौन मौजूद था और घटनाओं का क्रम क्या रहा।


पुलिस ने होमस्टे से उपलब्ध रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और अन्य संभावित सबूतों की जांच शुरू कर दी है। निमिषा के मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा है।


सड़क पर प्रदर्शन

निमिषा की मौत की खबर के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ लोग धारापुर के पास NH-17 पर जमा हो गए और सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात बहाल किया।


कुछ प्रदर्शनकारियों ने मामले को लेकर अलग-अलग आरोप लगाए हैं, लेकिन पुलिस ने अभी इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। इसलिए जांच पूरी होने तक इन दावों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

निमिषा की मौत के कारण और घटनाक्रम को स्पष्ट करने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच अहम भूमिका निभा सकती है। पुलिस आरोपी आसिफ अली से पूछताछ के साथ-साथ होमस्टे के कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है।


फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि निमिषा ने आखिरी फोन कॉल में जिस खतरे की बात कही थी, उसके बाद वास्तव में क्या हुआ? इसका जवाब पुलिस जांच और उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों से सामने आने की उम्मीद है। मामले में अभी किसी आरोपी को अदालत से दोषी ठहराया नहीं गया है।