गुर्जर महासंघ ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग की
गुर्जर समाज की राजनीतिक भागीदारी पर जोर
जयपुर। अखिल भारतीय गुर्जर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि शंकर धाभाई ने आज सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों को एक मांग पत्र भेजा है, जिसमें गुर्जर समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि गुर्जर समाज की अनदेखी अब सहन नहीं की जाएगी।
गुर्जर समाज की राजनीतिक भागीदारी, संगठनात्मक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक नियुक्तियों के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच, राजनीतिक दलों से स्पष्ट और समयबद्ध उत्तर की मांग की गई है। समाज ने यह भी कहा है कि चुनाव के समय केवल वोट बैंक के रूप में देखे जाने की राजनीति अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
रवि शंकर धाभाई ने पत्र में उल्लेख किया कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों में समाज की महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक उपस्थिति है, लेकिन इसके अनुपात में विधानसभा, लोकसभा, स्थानीय निकायों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं है। इससे समाज के शिक्षित युवाओं में राजनीतिक उपेक्षा की भावना बढ़ रही है।
उन्होंने राजनीतिक दलों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र में किसी भी समाज को केवल चुनाव के समय मतदाता के रूप में देखना उचित नहीं है। गुर्जर समाज के योग्य व्यक्तियों को निर्णय लेने वाली संस्थाओं और राजनीतिक संगठनों में भी उचित स्थान मिलना चाहिए।