गुरुग्राम में बीमा धोखाधड़ी के मामले में चार गिरफ्तार
गुरुग्राम में बीमा धोखाधड़ी का मामला
गुरुग्राम, 7 अगस्त: हरियाणा के गुरुग्राम में एक व्यक्ति ने खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर एक अन्य व्यक्ति से 1.19 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला तब सामने आया जब 27 जुलाई को एक व्यक्ति ने साइबर अपराध पश्चिम थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने कहा कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उसे बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर संपर्क किया और बंद हो चुकी बीमा पॉलिसियों के बदले 57 लाख रुपये वापस दिलाने का झांसा दिया।
आरोपियों ने पीड़ित को आश्वासन दिया कि वे एजेंट कोड समाप्त करने के बाद लाभार्थी कोड स्थानांतरित करने में मदद करेंगे, जिससे उसे लगभग 1.04 करोड़ रुपये मिलेंगे। पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने फाइल शुल्क, रखरखाव शुल्क, लेनदेन शुल्क, और अन्य खर्चों के नाम पर पीड़ित को अलग-अलग समय पर विभिन्न बैंक खातों में 1.19 करोड़ रुपये जमा करने के लिए राजी किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुंबई के ईस्ट इलाके के निवासी भारत जनक सिंह (68), पश्चिम बंगाल के मोहम्मद मोशिरुल हक (35), दिल्ली के सुभाष कुमार (40), और दिल्ली के साहिल गुसाईं (19) के रूप में हुई है। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) गौरव फोगाट ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह पता चला कि हक ने अपने साथियों के साथ मिलकर 'उत्सव उपाध्याय' के नाम पर जाली आधार और पैन कार्ड का उपयोग करके एक बैंक खाता खोला, जिसमें शिकायतकर्ता के लगभग 43 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
उन्होंने कहा कि भारत जनक सिंह कपाड़िया ने कथित तौर पर चेक के माध्यम से यह राशि निकाली और अपना तथा एक अन्य आरोपी का कमीशन रखने के बाद बाकी नकदी अपने साथियों को सौंप दी। सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि कुमार एक साइबर कैफे चलाता है और उसने कथित तौर पर फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाए, जबकि गुसाईं ने जाली दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी वाले फोन के लिए सिम कार्ड उपलब्ध कराने में मदद की। मामले की जांच जारी है।