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गुरुग्राम में दोस्त और पत्नी ने मिलकर की हत्या की साजिश

गुरुग्राम में एक चौंकाने वाली घटना में, एक दोस्त और उसकी पत्नी ने मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई। विक्रम नामक ठेकेदार की हत्या के पीछे अवैध संबंध का मामला है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कई गिरफ्तारियां की। जानें इस दिलचस्प कहानी के सभी पहलू।
 

गुरुग्राम में हत्या का चौंकाने वाला मामला


गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को चौंका दिया है। यहां एक पड़ोसी ने अपने करीबी दोस्त का दुश्मन बनकर उसकी हत्या कर दी। इस हत्या का कारण एक महिला है, जिसके साथ अवैध संबंध के चलते यह वारदात हुई।


गुरुग्राम में एक गारमेंट एक्सपोर्ट कंपनी के ठेकेदार विक्रम की हत्या कर दी गई। हत्यारा उसका दोस्त निकला, लेकिन इस हत्या में विक्रम की पत्नी सोनी भी शामिल थी। सोनी ने अपने प्रेमी रविंद्र के साथ मिलकर विक्रम की हत्या की योजना बनाई।


कहानी का पूरा विवरण:


विक्रम बिहार के नवादा जिले का निवासी था और अपनी पत्नी सोनी और दो बच्चों के साथ गुरुग्राम के डूंडाहेड़ा गांव में किराए के मकान में रहता था। 26 जुलाई 2025 को जब वह ड्यूटी पर गया, तो वह वापस नहीं लौटा। उसके भतीजे राकेश ने चिंता जताई और कंपनी से जानकारी ली, जहां पता चला कि विक्रम सुबह 9 बजे ही वहां से निकल चुका था।


तीन दिन बीतने के बाद भी विक्रम का कोई पता नहीं चला। सोनी ने 28 जुलाई को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन परिवार को सोनी के व्यवहार पर शक हुआ। परिवार ने उससे पूछा तो उसने अपने पड़ोसी रविंद्र पर हत्या का आरोप लगाया।


हत्या की साजिश का खुलासा:


पुलिस ने रविंद्र को हिरासत में लिया। पूछताछ में रविंद्र ने बताया कि उसका सोनी के साथ अवैध संबंध था। विक्रम की बेटी ने रविंद्र के फोन में उसकी मां के साथ कुछ अश्लील वीडियो देख लिए थे, जिससे दोनों डर गए थे।


इस डर के चलते उन्होंने विक्रम को मारने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने बॉलीवुड फिल्म 'दृश्यम' और 'क्राइम पेट्रोल' के कई एपिसोड देखे ताकि कोई गलती न हो। 26 जुलाई को रविंद्र ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर विक्रम का अपहरण किया और उसकी हत्या कर दी।


शव को दफनाने की योजना:


रविंद्र और उसके दोस्तों ने विक्रम का शव गुरुग्राम के मोहम्मदपुर गांव में एक गड्ढे में दफना दिया। यह गड्ढा रविंद्र के चाचा संतर्पाल ने पहले ही खोद रखा था। संतर्पाल ने पूरी साजिश के बारे में जानकर गड्ढा खोदने के लिए सहमति दी।


सोनी ने विक्रम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और रविंद्र पर झूठा आरोप लगाकर मामले को उलझाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने रविंद्र की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया। इसके बाद मनीष और फरियाद को भी गिरफ्तार कर लिया गया।