गुजरात में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया
गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड ने हाल ही में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जो देश के खिलाफ साजिश रचने और कट्टरपंथी गतिविधियों में संलिप्त थे। आरोप है कि ये आरोपी एक आतंकवादी नेटवर्क बनाने की योजना बना रहे थे, जिसका उद्देश्य गज़वा-ए-हिंद की स्थापना करना था। जांच में पता चला है कि इनमें से एक आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने में सक्रिय था। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और एटीएस की कार्रवाई के बारे में।
Apr 21, 2026, 17:50 IST
गुजरात एटीएस की कार्रवाई
गुजरात के एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने हाल ही में दो व्यक्तियों को देश के खिलाफ साजिश रचने और सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी गतिविधियों में संलग्न होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एटीएस के अनुसार, ये आरोपी एक आतंकवादी नेटवर्क स्थापित करने की योजना बना रहे थे, जिसका उद्देश्य गज़वा-ए-हिंद (भारत पर कब्ज़ा) की स्थापना करना था। आरोप है कि उनका इरादा आरडीएक्स विस्फोटक का उपयोग करना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े नेताओं को निशाना बनाना और ऑनलाइन युवाओं की भर्ती करना था। एटीएस ने बताया कि वह तकनीकी और मानव संसाधनों का उपयोग करते हुए सोशल मीडिया पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों की निगरानी कर रही है।
जिहादी प्रोपेगैंडा फैलाने में संलिप्त आरोपी
जिहादी प्रोपेगैंडा फैलाने में शामिल आरोपी
इस जांच के दौरान, पाटन जिले के सिद्धपुर निवासी इरफ़ान कालेखान पठान (22) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। आरोप है कि वह कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित था। एटीएस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया, और उसके मोबाइल फोन की जांच में पता चला कि वह WhatsApp और Instagram जैसे प्लेटफार्मों के जरिए आईएसआईएस से जुड़े व्यक्तियों और अन्य कट्टरपंथियों के संपर्क में था। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि पठान जिहादी प्रोपेगैंडा फैलाने और देशभर में समान विचारधारा वाले कट्टरपंथियों का नेटवर्क बनाने में सक्रिय था। जांच में यह भी सामने आया कि इरफ़ान कई सोशल मीडिया समूहों का सदस्य था और पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान में कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों से संपर्क में था। उसका मुख्य उद्देश्य समान विचारधारा वाले लोगों को कट्टरपंथी बनाना और उन्हें हथियार जुटाने के लिए प्रेरित करना था।
आतंकवादी नेटवर्क की साजिश
एटीएस ने आरोप लगाया है कि पठान ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और "गज़वा-ए-हिंद" की स्थापना के लिए एक आतंकवादी नेटवर्क बनाने की साजिश की थी। एटीएस के अनुसार, वह विभिन्न राज्यों से "मुजाहिदीनों" की भर्ती करने, उन्हें हथियार चलाने और आरडीएक्स बमों सहित विस्फोटक बनाने का प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा था।