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गुजरात के मंज़लपुर उपचुनाव में BJP की शानदार जीत

गुजरात के मंज़लपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को हराकर एक महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। सतेन्द्रभाई पटेल ने 30,630 मतों के अंतर से जीत हासिल की, जिससे BJP ने अपनी स्थिति को मजबूत किया। मतदान 30 जुलाई को हुआ था, जिसमें कुल 2.19 लाख मतदाता योग्य थे, लेकिन मतदान का प्रतिशत केवल 37.5 प्रतिशत रहा। यह उपचुनाव योगेश पटेल की मृत्यु के कारण आयोजित किया गया था। जानें इस चुनाव के परिणाम और इसके राजनीतिक प्रभाव के बारे में।
 

BJP ने मंज़लपुर में बनाए रखा अपना दबदबा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुजरात के मंज़लपुर विधानसभा क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। पार्टी के उम्मीदवार सतेन्द्रभाई पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,630 मतों के अंतर से हराकर उपचुनाव में विजय प्राप्त की। वोटों की गिनती के दौरान सतेन्द्रभाई को 55,481 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के भीखाभाई को 24,851 वोट मिले। NOTA को केवल 2,247 वोट मिले, जिससे BJP ने एक बड़ी जीत हासिल की और विधानसभा सीट पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।


वोटिंग प्रक्रिया और परिणाम

वडोदरा जिले के मंज़लपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती सोमवार सुबह 8 बजे सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच शुरू हुई। बीजेपी ने पूर्व पार्षद सतीश गोविंदभाई पटेल को मैदान में उतारा, जबकि कांग्रेस ने भीखाभाई रबारी को उम्मीदवार बनाया। कुल 2.19 लाख मतदाता वोट डालने के लिए योग्य थे, जिनमें 1,11,645 पुरुष, 1,07,847 महिलाएं और दो थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल थे। मतदान 62 स्थानों पर 260 पोलिंग स्टेशनों पर हुआ।


मतदान का प्रतिशत और उपचुनाव की आवश्यकता

मतदान 30 जुलाई को हुआ था। गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से हुआ और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। हालांकि, उपचुनाव में मतदान का प्रतिशत केवल 37.5 प्रतिशत रहा, जो 2022 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर 60.15 प्रतिशत के मुकाबले काफी कम है। यह उपचुनाव बीजेपी के सीनियर विधायक योगेश पटेल की 2 जून को लंबी बीमारी के बाद हुई मृत्यु के कारण आयोजित किया गया।


योगेश पटेल का राजनीतिक सफर

योगेश पटेल, जो आठ बार बीजेपी विधायक रहे, ने 1990 और 2007 के बीच वडोदरा की रावपुरा विधानसभा सीट का पांच बार प्रतिनिधित्व किया। परिसीमन के बाद, उन्होंने नई मंजलपुर सीट से चुनाव लड़ा और 2012, 2017 और 2022 में इस सीट पर जीत हासिल की। इस प्रकार, उन्होंने 36 वर्षों में गुजरात विधानसभा में लगातार आठ बार जीत दर्ज की। मंजलपुर उपचुनाव के परिणाम बीजेपी की ताकत पर कोई प्रभाव नहीं डालेंगे, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि वडोदरा शहर में कांग्रेस किस प्रकार की चुनौती पेश करती है।


राजनीतिक घटनाक्रमों पर नज़र

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