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गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास पर मोदी के विचारों का समर्थन किया

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पीएम मोदी के विचारों का समर्थन करते हुए पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास पर चर्चा की। उन्होंने कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति और बंटवारे के समय की घटनाओं का उल्लेख किया। सिंह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका को भी रेखांकित किया, जो बंगाल को बचाने में महत्वपूर्ण थे। जानें कैसे भाजपा के आने से लोग इसे दूसरी आज़ादी के रूप में देख रहे हैं।
 

गिरिराज सिंह का बयान

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बंटवारे के बाद तुष्टिकरण की राजनीति अपनाई और राज्य को उसके हाल पर छोड़ दिया। बंटवारे के समय हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए, सिंह ने कहा कि उस समय बंगाल को बचाने में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण 1946 के ज़ख्म, जो डायरेक्ट एक्शन डे के दौरान हुए थे, बने रहे।


कांग्रेस की नीतियों पर सवाल

सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंटवारे के समय बंगाल की रक्षा की थी। लेकिन कांग्रेस के शासन में '1946 के घाव' - हिंदुओं पर हुए हमलों और नरसंहार - बने रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति की और बंगाल को उसके हाल पर छोड़ दिया। अब जब भाजपा सत्ता में आई है, तो लोग इसे दूसरी आज़ादी के रूप में देख रहे हैं और जश्न मना रहे हैं।


TMC पर आरोप

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के फंड से जुड़े विवाद पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी, जो खुद को साधारण महिला के रूप में पेश करती थीं, वास्तव में लूट-खसोट वाले शासन का नेतृत्व कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अब यह सब सामने आ रहा है। पीएम मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को 'पश्चिम बंगाल दिवस' के महत्व के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।


बंटवारे के समय की घटनाएँ

सिंह ने बंटवारे के समय की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अविभाजित बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करने की कोशिशें की गई थीं। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे नेताओं ने इन प्रयासों का विरोध किया और इसके खिलाफ आवाज उठाई। पीएम मोदी ने कहा था कि हमें आज की पीढ़ी को बार-बार पश्चिम बंगाल दिवस के महत्व के बारे में बताना होगा।


श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

उन्होंने बताया कि अप्रैल 1947 में, मुखर्जी ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास करवाया, जिसमें उन्होंने कहा कि पूरा बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगा। इसके लिए 'बंगाली-हिंदू होमलैंड मूवमेंट' की शुरुआत की गई।


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