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गाजीपुर में पेंशन घोटाला: 8 शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक बड़ा पेंशन घोटाला सामने आया है, जिसमें आठ एडहॉक शिक्षकों ने फर्जी पीपीओ सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर दो वर्षों तक विभाग को धोखा दिया। इस मामले में सभी शिक्षकों को दोषी ठहराया गया है और उपनिदेशक ने कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जानें कैसे यह घोटाला सामने आया और शिक्षा विभाग ने क्या कदम उठाए।
 

गाजीपुर में पेंशन घोटाले का खुलासा

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जुड़ा एक बड़ा पेंशन घोटाला सामने आया है। यहां आठ एडहॉक शिक्षकों ने फर्जी पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर दो वर्षों तक विभाग को धोखा दिया। इस मामले में सभी शिक्षकों को दोषी ठहराए जाने के बाद उपनिदेशक वाराणसी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस फर्जीवाड़े के कारण सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.


घोटाले की पृष्ठभूमि

जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह ने बताया कि यह मामला 2013-14 का है, जब गाजीपुर के कुछ एडहॉक शिक्षकों ने अपने वेतन के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने सभी को वेतन देने का आदेश दिया, जिसके बाद तीन और शिक्षकों ने भी इसी आधार पर अदालत में याचिका दायर की। हालांकि, इन शिक्षकों की पेंशन पाने की पात्रता 20 साल की सेवा के बाद होती है, जो उन्होंने पूरी नहीं की।


फर्जी पीपीओ सर्टिफिकेट का मामला

इन शिक्षकों की सेवा पुस्तिका के अनुसार, उन्हें 2027 में रिटायर होना था, लेकिन उन्होंने 2024 में ही रिटायरमेंट ले ली। इसके बाद उन्होंने गाजीपुर कोषागार में फर्जी पीपीओ सर्टिफिकेट जमा किया। यह मामला तब उजागर हुआ जब स्वर्गीय एडहॉक शिक्षक हरिद्वार राम गंगा प्रसाद की पत्नी प्रमिला देवी ने 2018 में पारिवारिक पेंशन के लिए आवेदन किया, लेकिन उनकी पेंशन स्वीकृत नहीं हुई।


शिक्षा विभाग की कार्रवाई

प्रमिला देवी ने शिकायत की कि उनके पति के सहकर्मी सुमंत भास्कर और चंद्रिका सिंह यादव को पेंशन मिल रही है, जबकि उन्हें नहीं। इस जानकारी के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ। गाजीपुर कोषागार और उप निदेशक वाराणसी ने संयुक्त जांच की, जिसमें आठ शिक्षकों को दोषी पाया गया। ये शिक्षक पिछले दो वर्षों से फर्जी पीपीओ सर्टिफिकेट के जरिए पेंशन प्राप्त कर रहे थे। उप निदेशक ने इन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं.