गाजियाबाद में वोटर लिस्ट में 8 लाख नाम कटे, जानें पूरी जानकारी
गाजियाबाद में वोटर्स के नामों में कटौती
गाजियाबाद में 8 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं
उत्तर प्रदेश में 6 जनवरी को एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी किया गया है। गाजियाबाद में कुल 21 लाख से अधिक मतदाताओं में से 8 लाख से ज्यादा के नाम कट गए हैं। गाजियाबाद के डीएम ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा वोटर लिस्ट में शामिल होने का अवसर मिलेगा। जिले की पांच विधानसभाओं में साहिबाबाद में सबसे अधिक नाम कटे हैं।
गाजियाबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन निरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट सूची जारी की गई है। जिले में कुल 25 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें से 21 लाख से ज्यादा की SIR प्रक्रिया पूरी हुई थी। इनमें से 818362 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद भी मतदाता अपने नाम को शामिल कराने का पूरा मौका रखेंगे।
SIR प्रक्रिया का आरंभ
प्रदेश में 4 नवंबर से वोटर लिस्ट के विशेष गहन परीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को एसआईआर की घोषणा की थी। 30 नवंबर के बाद 11 दिसंबर को एक बार फिर संशोधित कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। मतदाता सूची जारी होने के बाद प्रशासन का दावा है कि आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
फाइनल लिस्ट की तारीख
अंतिम वोटर लिस्ट 6 मार्च को जारी की जाएगी। गाजियाबाद के डीएम रविंद्र कुमार मांदड ने जानकारी दी कि सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। आज सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की जा रही है। सभी दलों को मतदाता सूची सौंप दी गई है, और जिनके नाम छूट गए हैं, उनके लिए भी अवसर रखा गया है। वे फॉर्म-6 और Annexure-4 भरकर अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा कर सकते हैं।
बड़े पैमाने पर नामों की कटौती
इसके अलावा, चुनाव आयोग की वेबसाइट या ‘आई नेट अप’ के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन भरा जा सकता है। नाम जोड़ने की प्रक्रिया में चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित सुनवाई में शामिल होना अनिवार्य होगा। गाजियाबाद जिले में पांच विधानसभा हैं, जहां बड़े स्तर पर SIR की प्रक्रिया पूरी की गई, फिर भी बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम कट गए हैं।
लोनी विधानसभा में 26 प्रतिशत, मुरादनगर में 23.67 प्रतिशत, साहिबाबाद में 38 प्रतिशत, और गाजियाबाद विधानसभा में 25.36 प्रतिशत वोटर्स के नाम कट गए हैं। जिले में कुल 8 लाख से अधिक वोटर्स के नाम हटाए गए हैं।