गाजियाबाद में मदरसों पर कार्रवाई, सूर्या की मां को मिली नौकरी
गाजियाबाद में मदरसों का सील होना
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में प्रशासन ने मंगलवार को दो गैरमान्यता प्राप्त मदरसों को सील कर दिया। यह कार्रवाई 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या के बाद की गई, जिसे उसके दोस्त असद और उसके साथियों ने अंजाम दिया था।
मुख्य आरोपी असद पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया है। इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, और कई दुकानें, जिनमें दोनों समुदायों के सदस्य शामिल हैं, मंगलवार को बंद रहीं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
सत्यापन अभियान का संचालन
जिला प्रशासन और पुलिस ने खोड़ा में तीन दिवसीय 'आपरेशन क्लीन स्वीप' शुरू किया है, जिसमें किरायेदारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अनधिकृत संपत्तियों और संदिग्ध आपराधिक तत्वों का सत्यापन किया जा रहा है। अब तक 1600 से अधिक संदिग्धों का सत्यापन किया जा चुका है और पुराने अपराधियों की थानों में हाजिरी सुनिश्चित की जा रही है।
मदरसे का संचालन बिना मान्यता
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि दो मदरसों, स्मानिया अरनिया पासीमूल उलूक और सुल्तान अलारफीन, को सील किया गया है क्योंकि ये बिना किसी मान्यता के संचालित हो रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
सूर्या की मां को नौकरी का आश्वासन
जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सांत्वना दी। प्रशासन ने सूर्या की मां को खोड़ा नगर पालिका में आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई सुपरवाइजर के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपा है।
आरोपी के घर पर कार्रवाई
असद के घर पर एसडीएम कोर्ट की ओर से बेदखली नोटिस चस्पा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी का मकान अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन पर बना है। असद के पिता नवाब को मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।