गाजियाबाद में छात्र की हत्या के आरोपी का अंतिम संस्कार विवादित
असद का अंतिम संस्कार: गांव में विरोध
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में कक्षा 11 के छात्र सूर्या चौहान की बकरीद के दिन चाकू से हत्या करने वाले असद का परिवार उसे उसके पैतृक गांव महुआखेड़ा में दफनाना चाहता था। लेकिन जब गांव के लोगों को इस बात की जानकारी मिली, तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके परिणामस्वरूप, असद का अंतिम संस्कार गाजियाबाद में ही करना पड़ा। असद की मौत पुलिस के साथ मुठभेड़ में हुई थी। उसके चाचा आबिद ने कहा कि असद को उसके कर्मों की सजा मिली।
असद के परिवार का इतिहास
असद के पिता, जो मूलतः नरसेना थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा गांव के निवासी थे, ने लगभग 20 साल पहले गांव छोड़कर गाजियाबाद के खोड़ा में बसने का निर्णय लिया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद असद का शव उसके चाचा आबिद और अन्य परिजनों को सौंपा।
गांव में असद के प्रति नाराजगी
परिवार के सदस्यों के अनुसार, छात्र की हत्या से गांव में गहरी नाराजगी थी। चाचा आबिद ने बताया कि वे असद का अंतिम संस्कार गांव में करना चाहते थे, लेकिन ग्रामीणों ने इसके लिए सहमति नहीं दी। अंततः, असद को गाजियाबाद के कब्रिस्तान में दफनाया गया।
परिवार की प्रतिक्रिया
परिजनों ने कहा कि असद ने गलत रास्ता चुना और उसे अपने कर्मों की सजा मिली। आबिद ने कहा कि असद को ऐसा नहीं करना चाहिए था। अगर कोई समस्या थी, तो उसे बातचीत के जरिए हल किया जा सकता था। उसके द्वारा किया गया कृत्य माफ करने योग्य नहीं था।