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गाजियाबाद में 17 वर्षीय छात्र की हत्या से मचा हड़कंप, आरोपी फरार

गाजियाबाद के खोड़ा कालोनी में 17 वर्षीय छात्र सूर्य प्रताप की चाकू से हत्या ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी असद फरार है। इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है, जहां हिंदू संगठनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है, और पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ।
 

गाजियाबाद में छात्र की हत्या की घटना

गाजियाबाद के खोड़ा कालोनी में एक 17 वर्षीय छात्र की चाकू से हत्या ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। मृतक की पहचान सूर्य प्रताप के रूप में हुई है, जो नवनीत विहार का निवासी था और खोड़ा के एक निजी स्कूल में कक्षा 11 का छात्र था। गुरुवार शाम को हुए इस हमले में गंभीर रूप से घायल सूर्य प्रताप ने शुक्रवार दोपहर अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो नाबालिग हैं। मुख्य आरोपी असद और उसका परिवार फरार है, जिसके लिए पुलिस की कई टीमें विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही हैं। इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहां हिंदू संगठनों ने यूपी पुलिस से असद का एनकाउंटर करने और उसके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है.


मृतक के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज

मृतक के बड़े भाई यश की शिकायत पर खोड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यश के अनुसार, गुरुवार दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे, असद ने उनके भाई पर जानलेवा हमला किया। उस समय सूर्य प्रताप अपने दोस्तों आयुष और विक्की के साथ था। आरोप है कि गली में मुलाकात के दौरान असद ने पहले सूर्य प्रताप से विवाद किया और फिर गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उसने चाकू से सूर्य प्रताप के पेट पर कई वार किए। गंभीर रूप से घायल किशोर को पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर उसे नोएडा के एक बड़े अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई.


घटना के प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही

घटना के गवाह मित्रों ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक युवक ने बकरीद के अवसर पर अपने घर आने का निमंत्रण दिया था। इसी सिलसिले में सूर्य प्रताप, आयुष और विक्की आरोपी के घर के बाहर पहुंचे थे। मित्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान आरोपी ने सूर्य प्रताप से पूछा कि क्या उसने कभी बकरे को हलाल होते देखा है। सूर्य प्रताप के इंकार करने पर आरोपी ने उसे दिखाने की बात कही। जब सूर्य प्रताप वहां से जाने की इच्छा जताई, तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। जब मित्रों ने गाली-गलौज का विरोध किया, तो आरोपी ने चाकू निकालकर सूर्य प्रताप पर हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया.


पुलिस की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग आठ महीने पहले सूर्य प्रताप और असद के बीच झगड़ा हुआ था, लेकिन बाद में दोनों के बीच सुलह हो गई थी। पुलिस इस पुराने विवाद के पहलू को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। ट्रांस हिंडन और नगर क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने बताया कि हत्या के पीछे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। प्रारंभ में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन पीड़ित की मृत्यु के बाद इसे हत्या के मुकदमे में परिवर्तित किया गया है. घटना के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खोड़ा थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मृतक के परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और खून के बदले खून चाहिए। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यदि सामने वाला नुकसानदायक हो तो हिंसा जरूरी है। विश्व हिंदू परिषद ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा है कि यह घटनाक्रम जहरीली मानसिकता का नतीजा है.