गाजा पट्टी में इजरायली हवाई हमलों में पांच फिलिस्तीनी मारे गए
गाजा में बढ़ती हिंसा
गाजा पट्टी में सोमवार (20 अप्रैल) को इजरायली हवाई हमलों में कम से कम पांच फिलिस्तीनी मारे गए, जैसा कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया। गवाहों के अनुसार, इस दौरान हमास के लड़ाकों और इजरायल के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में सक्रिय एक मिलिशिया के बीच झड़पें भी हुईं। यह हिंसा पिछले अक्टूबर में हुए संघर्ष विराम के बावजूद बढ़ती जा रही है, जो दो वर्षों के युद्ध के बाद स्थापित हुआ था।
मेडिकल टीमों ने बुरेज कैंप में एक हवाई हमले में एक मौत और गाजा सिटी में एक अन्य की पुष्टि की। इसके बाद खान यूनिस के पश्चिमी हिस्से में एक और हवाई हमले में कम से कम तीन लोग मारे गए, जैसा कि नासिर अस्पताल के अधिकारियों ने बताया। स्थानीय निवासियों ने खान यूनिस के पूर्व में सशस्त्र झड़पों की भी सूचना दी, जब मिलिशिया के सदस्य हमास के नियंत्रण वाले क्षेत्र में घुस गए, जिससे गोलीबारी का आदान-प्रदान हुआ।
हाल के इन घटनाक्रमों के बीच संघर्ष विराम पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिसमें स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार 750 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस दौरान इजरायल ने कहा है कि चार सैनिकों की हत्या भी की गई है, और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघनों का आरोप लगा रहे हैं।
इजरायल-गाजा संघर्ष ने व्यापक मानवीय संकट को जन्म दिया है, जिसमें 1.2 मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं और हजारों की संख्या में लोग मारे गए हैं। इसके अलावा, 200 से अधिक पत्रकारों की हत्या भी हुई है, जो हाल के वर्षों में सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक को दर्शाता है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ 21 नवंबर 2024 को जारी गिरफ्तारी वारंट में युद्ध के तरीके के रूप में भूख, नागरिकों की जानबूझकर हत्या, नाश, उत्पीड़न और अन्य अमानवीय कृत्यों के आरोप शामिल हैं। सभी 125 ICC सदस्य देशों को यदि वे अपने क्षेत्र में प्रवेश करते हैं तो उन्हें गिरफ्तार करना अनिवार्य है।
नागरिकों पर प्रभाव गंभीर है, जिसमें बुनियादी आवश्यकताओं की भारी कमी देखी जा रही है। गाजा में प्रति व्यक्ति प्रति दिन पांच लीटर से कम पानी उपलब्ध है, जो WHO के न्यूनतम 15 लीटर से कम है। जनवरी 2024 तक, हर महीने लगभग 71,000 बच्चों में दस्त के मामले दर्ज किए गए, जबकि अक्टूबर 7 से पहले यह संख्या 2,000 थी। स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसमें जनवरी 2024 तक स्वास्थ्य सुविधाओं पर 660 से अधिक हमलों की रिकॉर्डिंग की गई है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।
यह संघर्ष पत्रकारों के लिए अब तक का सबसे घातक माना गया है, जिसमें 200 से अधिक मीडिया कर्मियों की हत्या हुई है। अक्टूबर 2023 में, रॉयटर्स के पत्रकार इशाम अब्दल्लाह को लेबनान में एक इजरायली टैंक द्वारा स्पष्ट रूप से पहचाने गए पत्रकारों के समूह पर गोले दागने के दौरान मारा गया।
इसके अलावा, मानवाधिकार संगठनों ने नागरिक क्षेत्रों में सफेद फास्फोरस के उपयोग और हिरासत में हिंसा के आरोप लगाए हैं।