गर्दन के दर्द का कारण: Cervical Spondylosis के लक्षण और उपचार
गर्दन में दर्द और सिर भारी होना
सर्वाइकल का दर्द
यदि आपकी गर्दन और सिर में लगातार दर्द हो रहा है और कंधों में जकड़न महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह Cervical Spondylosis का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक डेस्क पर काम करना और मोबाइल का अत्यधिक उपयोग इस समस्या के प्रमुख कारण हैं। हाल के वर्षों में यह समस्या तेजी से बढ़ी है, और अब यह युवाओं में भी देखी जा रही है। यदि आपको भी ऐसी कोई समस्या है, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें, क्योंकि यह बीमारी लंबे समय तक बनी रहने पर गंभीर हो सकती है।
गाजियाबाद के मैक्स हॉस्पिटल में ज्वाइंट रिप्लेसमेंट और आर्थोस्कोपी विभाग के निदेशक डॉ. अखिलेश यादव के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के मामलों में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से, यह समस्या उन लोगों में अधिक देखी जा रही है जो डेस्क जॉब करते हैं। चिंता की बात यह है कि अब यह समस्या कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही है। कुछ मामलों में, 20 से 30 वर्ष की आयु के व्यक्तियों में भी यह समस्या पाई जा रही है। इसका एक मुख्य कारण गलत पोश्चर है। हाल के वर्षों में, लोग घंटों तक सिर झुकाकर फोन का उपयोग कर रहे हैं, जो गर्दन की हड्डियों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस क्या है?
डॉ. अखिलेश यादव बताते हैं कि जब लंबे समय तक खराब पोश्चर बना रहता है, तो इससे गर्दन की हड्डियों और उनके बीच की डिस्क में घिसाव आना शुरू हो जाता है। यह खराब जीवनशैली, उम्र बढ़ने और पोषण की कमी के कारण भी हो सकता है। इस घिसाव के कारण डिस्क पतली होने लगती है।
कुछ व्यक्तियों में हड्डियों पर ऑस्टियोफाइट भी विकसित हो सकते हैं, जिसे आमतौर पर हड्डी बढ़ना कहा जाता है। यदि यह स्थिति ठीक नहीं होती है, तो इससे गर्दन का प्राकृतिक कर्व कम हो सकता है, जो रीढ़ की हड्डी को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि, इस समस्या के प्रारंभिक लक्षण प्रकट होने लगते हैं, लेकिन अधिकांश लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के प्रारंभिक लक्षण
लगातार गर्दन में दर्द
गर्दन में अकड़न
सिर भारी रहना या सिरदर्द, विशेषकर पिछले हिस्से में
कंधों और बाजुओं में दर्द
हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन
इलाज और बचाव के उपाय
डॉक्टर की सलाह पर फिजियोथेरेपी कराएं
रोजाना हल्की गर्दन की एक्सरसाइज करें
लंबे समय तक एक ही पोश्चर में न बैठें
कंप्यूटर का उपयोग करते समय स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखें