गढ़चिरोली में माओवादी उग्रवादियों का आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों की सफलता
गढ़चिरोली में माओवादी उग्रवादियों का आत्मसमर्पण
महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के सामने ग्यारह माओवादी उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें पांच वरिष्ठ सदस्य भी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की गतिविधियों में आई कमी को दर्शाती है। आत्मसमर्पण करने वालों में छह महिलाएं भी थीं, जिन पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गढ़चिरोली पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन उग्रवादियों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सामने अपने हथियार डाल दिए।
एक साल में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी
गढ़चिरोली जिले में, जो छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा हुआ है, पहले नक्सली गतिविधियां काफी आम थीं। लेकिन अब पुलिस का कहना है कि ये गतिविधियां भामरागड उपमंडल के सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित रह गई हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में डिविजनल कमेटी सदस्य सोनी उर्फ बाली वट्टे मट्टामी (45) और एरिया कमेटी सचिव बुदारी उर्फ रामबत्ती मट्टामी (40) शामिल हैं। अन्य आत्मसमर्पण करने वालों में सुखलाल कोकसा (31), शांति उर्फ सोमारी तेलामी (28), यमुनाक्का उर्फ रुखमक्का पेंदाम (60), गणेश कोवासी (21), मिनाको उर्फ जमानी मट्टामी (22), धनु वेलंजे (38), सुनीता उर्फ वांगे होयम (25), रमेश मडावी (28) और किशोर शामिल हैं।
माओवादी नेताओं का आत्मसमर्पण
पुलिस ने पिछले साल अक्टूबर में एक महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया, जब वरिष्ठ माओवादी नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने 61 अन्य वरिष्ठ कैडरों के साथ गढ़चिरौली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के सामने आत्मसमर्पण किया था। विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल ने शेष माओवादी सदस्यों से हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा के समाज में लौटने की अपील की।
केंद्रीय गृह मंत्री का नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया है। सरकार छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों और विकास प्रयासों को तेज करने की योजना बना रही है। पिछले कुछ वर्षों में नक्सलियों से जुड़ी घटनाओं में काफी कमी आई है।