गंगोत्री में संन्यास लेने वाले पूर्व कंप्यूटर इंजीनियर की प्रेरणादायक कहानी
एक अनोखी यात्रा
गंगोत्री (उत्तराखंड) में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में एक संन्यासी, जो गेरुआ वस्त्र पहने हुए हैं, अपनी अनोखी जीवन यात्रा के बारे में बता रहे हैं। यह साधु कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) के पूर्व कंप्यूटर इंजीनियर हैं।
शिक्षा और करियर
संन्यासी ने 2002 में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने मुंबई में भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में छह महीने की ट्रेनिंग ली और एम.टेक भी किया। उनके पास एक शानदार करियर और आकर्षक पैकेज था, लेकिन उन्होंने सब कुछ छोड़कर संन्यास लेने का निर्णय लिया और अब गंगोत्री की पहाड़ियों में साधुओं के साथ जीवन बिता रहे हैं।
बॉस की प्रतिक्रिया
संन्यास लेने के बाद, उनके पूर्व बॉस का फोन आया। जब उन्होंने बताया कि वे पहाड़ों में संन्यासियों के साथ रह रहे हैं, तो बॉस ने हैरानी से पूछा, 'क्या तुम पागल हो गए हो?' संन्यासी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'हां।'
जीवन का असली मूल्य
वीडियो में, संन्यासी ने कहा कि आजकल लोग बड़ी नौकरी और पैसे के पीछे भागते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि जन्म और मृत्यु पहले से तय हैं। असली जीवन का मूल्य इस छोटे से समय को पहचानने और सही तरीके से जीने में है। गंगोत्री में उन्होंने स्पष्ट किया, 'अब मुझे जीवन का असली मूल्य समझ आ गया है।'
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर फोटोग्राफर मोहित पंवार (@nomadic_mohit) ने साझा किया है, जिसने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। कई लोग संन्यासी के निर्णय की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ हैरान हैं कि कोई इतनी अच्छी शिक्षा और नौकरी छोड़कर पहाड़ों में कैसे रह सकता है।
एक गहरी सोच
यह कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि उस सोच की है जो भौतिक सुखों से ऊपर उठकर जीवन के गहरे अर्थ को समझने की कोशिश करती है।
फोटो:
(वायरल वीडियो से ली गई तस्वीर में गंगोत्री की पहाड़ियों में मुस्कुराते हुए संन्यासी)