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क्या पैकेट दूध उबालना आवश्यक है? जानें विशेषज्ञों की राय

क्या आप पैकेट दूध को बिना उबालकर पीते हैं? जानें कि क्या यह आपकी सेहत के लिए सुरक्षित है या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि पाश्चराइज्ड दूध को उबालने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन कुछ स्थितियों में इसे उबालना बेहतर हो सकता है। इस लेख में दूध के प्रकार, उबालने के फायदे और नुकसान, और विशेषज्ञों की सलाह के बारे में जानकारी दी गई है।
 

पैकेट दूध का महत्व और स्वास्थ्य पर प्रभाव

क्या आप रोज़ पैकेट दूध को बिना सोचे-समझे उबालते हैं या सीधे पी लेते हैं? क्या यह आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है या आप महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को खो रहे हैं? विशेषज्ञों ने इस विषय पर कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसे हर दूध प्रेमी को जानना चाहिए।



आजकल पैकेट दूध शहरी जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। चाहे सुबह की चाय हो या बच्चों का नाश्ता, अधिकांश परिवारों में इसका उपयोग होता है। लेकिन क्या इसे उबालना आवश्यक है या इसे सीधे पिया जा सकता है? इस पर विशेषज्ञों की राय जानना जरूरी है, क्योंकि यह स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।


पैकेट दूध की प्रक्रिया और प्रकार

पैकेट दूध आमतौर पर प्रोसेस्ड होता है, जिसे पाश्चराइजेशन की प्रक्रिया से गुजारा जाता है। इस प्रक्रिया में दूध को कुछ सेकंड के लिए उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है और फिर तुरंत ठंडा किया जाता है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, जबकि पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।


पैकेट दूध मुख्यतः दो प्रकार का होता है:


  • टोंड मिल्क (Toned Milk)
  • फुल क्रीम मिल्क (Full Cream Milk)


इसके अलावा, कई कंपनियां UHT यानी अल्ट्रा हाई टेम्परेचर प्रोसेसिंग दूध भी बेचती हैं, जो छह महीने तक खराब नहीं होता।


क्या पैकेट दूध को उबालना चाहिए?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दूध पहले से पाश्चराइज्ड है, तो उसे दोबारा उबालने की आवश्यकता नहीं होती। पाश्चराइजेशन में दूध को 72°C तक गर्म किया जाता है, जिससे हानिकारक जीवाणु समाप्त हो जाते हैं।


हालांकि, कुछ लोग एहतियात के तौर पर दूध को उबालना पसंद करते हैं, लेकिन इससे पोषक तत्वों की हानि हो सकती है। विशेष रूप से, यदि दूध को अधिक समय तक उबाला जाए, तो प्रोटीन और विटामिन बी12 जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।


विशेषज्ञों की सलाह

डायटीशियन और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में उपलब्ध पाश्चराइज्ड पैकेट दूध सुरक्षित है और इसे सीधे पिया जा सकता है। दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल की वरिष्ठ न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. शिल्पा सिंह के अनुसार, "यदि पैकेट पर पाश्चराइज्ड लिखा है और पैकेजिंग सील्ड है, तो दूध को उबालने की कोई आवश्यकता नहीं है।"


हालांकि, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि दूध का पैकेट लंबे समय तक बाहर रहा हो या तापमान अधिक हो, तो दूध को हल्का गर्म करना बेहतर हो सकता है।


पैकेट दूध उबालने के नुकसान

पैकेट दूध को उबालना सुरक्षा की दृष्टि से सही लग सकता है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। जब दूध को लंबे समय तक या बार-बार उबाला जाता है, तो इसके कुछ आवश्यक पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन कम हो सकते हैं। इससे दूध की पौष्टिकता प्रभावित होती है।


इसके अलावा, बार-बार उबालने से दूध का स्वाद भी बदल सकता है और कभी-कभी उसमें जलने की गंध भी आ सकती है।


कब उबालना चाहिए?

  • यदि दूध का पैकेट लीक हो गया हो या खुला हुआ हो।
  • यदि पैकेट पर "Use by" तारीख निकल चुकी हो।
  • यदि दूध को कमरे के तापमान पर अधिक समय तक रखा गया हो।
  • यदि आपको दूध की गुणवत्ता पर संदेह हो।


इन स्थितियों में दूध को एक बार उबालना बेहतर होता है ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।


UHT दूध के लिए क्या करें?

UHT यानी Ultra High Temperature दूध को 135°C तक गर्म किया जाता है, जिससे यह बिना फ्रिज के भी कई महीने तक सुरक्षित रहता है। ऐसे दूध को उबालने की आवश्यकता नहीं होती। इसे सीधे पैकेट खोलकर इस्तेमाल किया जा सकता है।


निष्कर्ष: पैकेट दूध के लिए सावधानियाँ

  • यदि पैकेट पर "पाश्चराइज्ड" या "UHT" लिखा हो, तो दूध को उबालना आवश्यक नहीं है।
  • दूध खरीदते समय पैकेजिंग, एक्सपायरी डेट और ब्रांड की जांच करें।
  • यदि संदेह हो, तो दूध को हल्का गर्म करना बेहतर है।