क्या ट्रंप पर युद्ध अपराधों का मुकदमा चलाया जा सकता है?
मध्य पूर्व में युद्ध और ट्रंप का विवादित बयान
मध्य पूर्व में चल रहे गंभीर संघर्ष ने एक महत्वपूर्ण प्रश्न को जन्म दिया है, जिसने वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञों को दो भागों में बांट दिया है। क्या अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध अपराधों के दायरे में आ सकते हैं? यह बहस तब और बढ़ गई जब अमेरिका ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को लक्षित करना शुरू किया।
नागरिक ठिकानों पर हमले का मुद्दा
ट्रंप और उनके युद्ध सचिव पीट हेगसेथ की टिप्पणियों ने मानवाधिकार संगठनों को चिंतित कर दिया है। ट्रंप ने ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की धमकी दी है।
तेहरान की शरीफ़ यूनिवर्सिटी, जिसे ईरान का 'MIT' कहा जाता है, पर बमबारी की गई।
मीनाब स्कूल पर हमले में लगभग 170 बच्चों की जान गई। अमेरिका इसे 'इंटेलिजेंस फेलियर' बता रहा है, जबकि विशेषज्ञ इसे 'टारगेट की पुष्टि न करने' का गंभीर मामला मानते हैं।
तेहरान को करज से जोड़ने वाले पुल और पावर ग्रिड्स को भी निशाना बनाया गया है, जिनका कोई तत्काल सैन्य महत्व नहीं है।
क्या ट्रंप पर मुकदमा चलाया जा सकता है?
ट्रंप, जो अमेरिकी सेनाओं के कमांडर-इन-चीफ हैं, के खिलाफ मुकदमे का सवाल तब उठता है जब यह तय किया जाए कि ईरान में अमेरिकी सेनाओं की कार्रवाई युद्ध अपराधों की श्रेणी में आती है या नहीं।
मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जब अमेरिका ने खर्ग द्वीप को निशाना बनाया।
ट्रंप ने ईरान के शासन को उखाड़ फेंकने की कसम खाई थी, लेकिन ईरान में उनकी बयानबाजी और सैन्य कार्रवाई नागरिकों के बुनियादी ढांचे को अधिक प्रभावित कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय कानून और ट्रंप का मामला
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका नागरिक ठिकानों पर हमले कर रहा है, तो क्या ये युद्ध अपराध माने जा सकते हैं? इसका उत्तर इस बात पर निर्भर करता है कि क्या इन लक्ष्यों का कोई स्पष्ट सैन्य उद्देश्य था।
हाल ही में, 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने एक पत्र में चेतावनी दी कि अमेरिका का रवैया अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी कानून का उल्लंघन कर रहा है।
हालांकि, ट्रंप पर मुकदमा चलाना मुश्किल होगा, क्योंकि अमेरिका ICC के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देता।
नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले
ईरान के मीनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हमले को सबसे विवादित माना जा रहा है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि अमेरिका ने लक्ष्यों की पुष्टि नहीं की थी, तो इसे युद्ध अपराध माना जा सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि हाल के दिनों में अमेरिका और उसके नेताओं की ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाली बयानबाजी खतरनाक रूप से बढ़ गई है।
क्या ट्रंप पर युद्ध अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है?
सैद्धांतिक रूप से, हाँ। लेकिन अमेरिका के मौजूदा या पूर्व राष्ट्रपति पर मुकदमा चलाना बेहद कठिन है।
अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकार गैबोर रोना ने कहा कि अमेरिका के युद्ध अपराध अधिनियम में उन अपराधों के लिए कोई समय सीमा नहीं है जिनके कारण किसी की मौत होती है।
हालांकि ट्रंप पर मुकदमा चलाने की संभावना कम है, लेकिन यह सवाल कि क्या कॉलेजों और पुलों पर बमबारी करना युद्ध अपराध माना जाएगा, अभी भी प्रासंगिक है।