कोलकाता में जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध सहयोगी की गिरफ्तारी
जासूसी नेटवर्क की जांच में गिरफ्तारी
कोलकाता, तीन अगस्त: पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने सोमवार को हावड़ा से जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध सदस्य हमीम मंडल के एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की। अधिकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान आदित्य सिंह उर्फ राज उर्फ राजू के रूप में हुई है, जिसे हमीम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार से मिली जानकारी के आधार पर पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी हावड़ा के 'बेलिलियस रोड' से की गई।
अधिकारी ने बताया कि यह गिरफ्तारी जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर की गई है। अब एसटीएफ का ध्यान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान पर है। अब तक इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि आदित्य एक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से मंडल के संपर्क में आया और बाद में इस साजिश में शामिल हो गया। एसटीएफ के अधिकारी ने कहा कि मंडल ने आदित्य को अपने प्रभाव में लेकर उसे अपने नेटवर्क से जोड़ा।
अधिकारी ने बताया कि मंडल ने आदित्य को शहरी विकास राज्य मंत्री उमेश राय और उनके बेटे पर नजर रखने का कार्य सौंपा था। आदित्य पर दोनों से संबंधित जानकारी इकट्ठा करने और उसे मंडल को भेजने का संदेह है।
अधिकारी ने कहा कि आदित्य की भूमिका में राय की गतिविधियों की तस्वीरें खींचना और उन्हें मंडल को भेजना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि क्या वे मंत्री को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
अधिकारी ने कहा, 'जांच एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। हम हर व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने और संचार की पूरी श्रृंखला की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं।' पूछताछ के दौरान मिली जानकारी से हमें नेटवर्क और उसकी गतिविधियों को समझने में मदद मिलेगी। एसटीएफ यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले किसी आतंकी हमले की योजना बना रहे थे।