कोलकाता एयरपोर्ट के पास मस्जिद को लेकर विरोध प्रदर्शन
बांकरा मस्जिद के खिलाफ सुरक्षा उपायों पर विरोध
कोलकाता एयरपोर्ट के निकट बांकरा मस्जिद में सुरक्षा कारणों से लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के बाद, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। इस संदर्भ में, आज पश्चिम बंगाल में कई नमाज़ियों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधी। विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में बांकरा मस्जिद के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए, जिनकी लोगों ने आलोचना की।
सिद्दीकुल्लाह चौधरी की प्रतिक्रिया
सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने मस्जिद के साथ हुए व्यवहार पर दुख व्यक्त करते हुए इसे भारत के लिए एक काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि बांकरा को बदनाम किया गया है। पश्चिम बंगाल में एक करोड़ लोगों और 55,000 मस्जिदों में आज नमाज़ अदा की गई और काली पट्टी बांधी गई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा था कि यहां लाखों लोग इकट्ठा होंगे।
सरकार का निर्णय और चिंताएँ
यह टिप्पणियाँ शनिवार को बीजेपी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार के उस निर्णय के बाद आईं, जिसमें सुरक्षा कारणों से 130 साल पुरानी बांकरा मस्जिद को एयरपोर्ट परिसर से बाहर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। दिसंबर 2025 में, मजूमदार ने कोलकाता एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया में मस्जिद के होने पर चिंता जताई थी, यह कहते हुए कि इससे रनवे के विस्तार की योजनाओं में बाधा आ रही है। उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया से इसे स्थानांतरित करने का आग्रह किया।
मस्जिद के स्थानांतरण की आवश्यकता
मजूमदार ने कहा कि यह एक लंबे समय से चली आ रही मांग है। एयरपोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर, विशेषकर रनवे के निकट मस्जिद का होना चिंता का विषय है। उन्होंने सुझाव दिया कि मस्जिद को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है, जैसा कि UAE में होता है। मस्जिद नमाज़ पढ़ने की जगह है, जबकि मंदिर में मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है। अगर मस्जिद कमेटी देश के बारे में सोचती है, तो उन्हें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया से बातचीत करनी चाहिए। कहीं और नई मस्जिद बनाई जा सकती है।