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कोटा: शिक्षा और ऊर्जा का प्रमुख केंद्र, पीएम मोदी का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोटा के महत्व को उजागर करते हुए इसे शिक्षा और ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने क्षेत्र की समृद्ध विरासत, जैसे कोटा कचौरी और कोटा डोरिया साड़ियों का उल्लेख किया। मोदी ने स्थानीय कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता और नए हवाई अड्डे के विकास से क्षेत्र की संभावनाओं पर भी चर्चा की। जानें इस क्षेत्र की विशेषताएँ और इसके विकास की दिशा में उठाए गए कदम।
 

कोटा का महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोटा के शिक्षा, ऊर्जा और सांस्कृतिक धरोहर के महत्व पर प्रकाश डाला। एक वीडियो संदेश में, उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र विभिन्न स्रोतों जैसे परमाणु, कोयला, गैस और जलविद्युत से बिजली उत्पादन करता है। पीएम मोदी ने हाड़ौती क्षेत्र की समृद्ध विरासत और पारंपरिक उत्पादों की सराहना की, विशेष रूप से कोटा कचौरी और कोटा डोरिया साड़ियों का उल्लेख किया। उन्होंने कोटा स्टोन और सैंडस्टोन जैसी विश्व प्रसिद्ध सामग्रियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है, और स्थानीय धनिया और बूंदी के बासमती चावल के निर्यात का उदाहरण दिया।


कोटा की ऊर्जा और विरासत

पीएम मोदी ने कहा कि कोटा केवल शिक्षा का केंद्र नहीं है, बल्कि ऊर्जा का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह क्षेत्र विभिन्न स्रोतों से बिजली उत्पन्न करने की अपनी अनूठी क्षमता के लिए जाना जाता है। हाड़ौती की भूमि अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी प्रसिद्ध है। कोटा कचौरी के स्वाद और कोटा डोरिया साड़ियों की भव्यता से लेकर कोटा स्टोन और सैंडस्टोन की वैश्विक पहचान तक, इस क्षेत्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। स्थानीय धनिये की सुगंध और बूंदी के बासमती चावल अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध हैं। नया कोटा हवाई अड्डा इस क्षेत्र की क्षमता को और बढ़ाने में मदद करेगा।


धार्मिक और प्राकृतिक धरोहर

प्रधानमंत्री मोदी ने हाड़ौती क्षेत्र को शिक्षा, उद्योग, उद्यम और आस्था का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि सदियों से श्रद्धालु श्री मथुराधि जी, केशव राय पाटन और गोदावरी बालाजी धाम जैसे पवित्र स्थलों पर दर्शन के लिए आते रहे हैं। पीएम मोदी ने गराडिया महादेव से चंबल नदी के दृश्य और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने मुकुंदरा हिल्स और रामगढ़ विषधारी जैसे वन्यजीव अभयारण्यों का जिक्र किया, जो इस क्षेत्र को वन्यजीव पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनाते हैं। बेहतर हवाई संपर्क से भारत और दुनिया भर से पर्यटक आएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं, व्यापारियों और अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा।