कोटद्वार के जिम संचालक दीपक कुमार आर्थिक संकट में, विवादों का असर
दीपक कुमार की आर्थिक स्थिति
कोटद्वार, उत्तराखंड में एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े होने के बाद विवादों में आए जिम संचालक दीपक कुमार, जिन्हें 'मोहम्मद दीपक' के नाम से जाना जाता है, अब गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है, और अब उन्हें अपने जिम को बेचकर शहर छोड़ने पर विचार करना पड़ रहा है।
जिम का किराया और आर्थिक दबाव
दीपक कुमार, जो कि 42 वर्ष के हैं, कोटद्वार में 'हल्क' नामक जिम का संचालन करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों से वह जिम का किराया नहीं चुका पाए हैं, जिसके चलते मकान मालिक ने उन्हें अंतिम चेतावनी दी है। दीपक को यह समझ नहीं आ रहा कि क्या मकान मालिक पर किसी बाहरी दबाव का असर है, लेकिन मौजूदा हालात में जिम चलाना उनके लिए कठिन हो गया है।
विवाद का आरंभ
दीपक कुमार जनवरी में तब चर्चा में आए जब उन्होंने एक मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद के समर्थन में आवाज उठाई। 26 जनवरी को कुछ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पटेल मार्ग पर स्थित 70 वर्षीय दुकानदार की 'बाबा' नाम की कपड़ों की दुकान का नाम बदलने की मांग की थी। इसी दौरान दीपक ने खुद को 'मोहम्मद दीपक' कहकर विरोध किया।
सड़क पर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
31 जनवरी को स्थिति और बिगड़ गई, जब बड़ी संख्या में लोग कपड़ों की दुकान और दीपक के जिम के बाहर इकट्ठा हो गए, जिससे सड़क जाम हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। इस मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थीं.
जिम की सदस्यता में कमी
दीपक का कहना है कि उनके जिम में अब केवल 60 से 65 सदस्य बचे हैं, जो कि जिम के खर्च को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उनका मासिक किराया 40 हजार रुपये है, और गर्मी तथा विवादों के कारण नए सदस्य भी नहीं जुड़ रहे हैं।
भाजपा का दबाव
दीपक ने आरोप लगाया कि भाजपा और बजरंग दल से जुड़े लोग उनके ग्राहकों को निशाना बना रहे हैं। उनके अनुसार, जिन सदस्यों के परिवार भाजपा से जुड़े हैं, उनके घर जाकर जिम आने से मना किया जा रहा है। इस तरह के अभियान ने उनके व्यवसाय को पूरी तरह अस्थिर कर दिया है। हालांकि, कोटद्वार के थाना प्रभारी प्रदीप नेगी ने कहा कि पुलिस को इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।