कॉकरोच जनता पार्टी ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने की मांग की
कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस नहीं ली गईं, तो वे नए विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्रियों से अपील की है कि सभी मामलों को वापस लिया जाए और हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा किया जाए। AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी सरकार से वादे निभाने की मांग की है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
Jul 27, 2026, 17:41 IST
कॉकरोच जनता पार्टी की चेतावनी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को सरकार को चेतावनी दी है कि यदि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी FIR वापस नहीं ली गईं, तो उन्हें एक नया विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक बयान में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज न किया जाए। रांका ने हिरासत में लिए गए सभी छात्रों की तत्काल रिहाई की भी मांग की।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने की मांग
रांका ने X पर लिखा कि हम मांग करते हैं कि सभी FIR जो प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई हैं, तुरंत वापस ली जाएं, छात्रों को रिहा किया जाए और भविष्य में दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों या BJP-शासित राज्यों की पुलिस द्वारा कोई FIR दर्ज न की जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो हम दोबारा विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। यह बयान सौरव दास के उस वक्तव्य के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
सरकार के वादे पर CJP की प्रतिक्रिया
CJP ने कहा कि सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जंतर-मंतर और अन्य शहरों में प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। दास ने कहा कि CJP स्थिति पर नजर रखे हुए है और उम्मीद करती है कि भारत सरकार और सभी BJP/NDA राज्य सरकारें मौजूदा हालात के अनुसार जिम्मेदारी से कार्य करेंगी।
AISA की अध्यक्ष की मांग
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी सरकार से अपील की है कि वह अपने वादे को निभाए और सभी मामलों को वापस ले। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया था कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा, लेकिन बिहार में सैकड़ों छात्र अभी भी जेल में हैं। छात्रों को गिरफ्तार करना और उन पर गंभीर आरोप लगाना अस्वीकार्य है।