कॉकरोच जनता पार्टी की चिंता: असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी
कॉकरोच जनता पार्टी की चिंताएं
नई दिल्ली, 27 जुलाई - कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने सोमवार को इस बात पर चिंता व्यक्त की कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है या गिरफ्तार किया जा रहा है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब केंद्र ने आश्वासन दिया था कि हाल के देशव्यापी आंदोलन में भाग लेने वालों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कॉजपा के प्रवक्ता सौरव दास ने यह जानकारी ‘एक्स’ पर साझा की, जब संगठन ने अपना 36 दिन का विरोध प्रदर्शन समाप्त किया। यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग मान लेने के बाद लिया गया, साथ ही केंद्रीय मंत्रियों जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
20 जून को परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन सोनम वांगचुक की 26 दिन की भूख हड़ताल में बदल गया था, जिसे सरकार के आश्वासन के बाद वापस ले लिया गया। कॉजपा ने सोमवार को एक बयान में कहा कि उसे असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को ‘अलग-अलग सरकारी एजेंसियों द्वारा निशाना बनाए जाने, हिरासत में लिए जाने या गिरफ्तार किए जाने’ की ‘कई खबरें’ मिली हैं। बयान में कहा गया है, ‘कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन तभी वापस लिया था, जब भारत सरकार ने हमें आश्वासन दिया था कि भाजपा या राजग शासित किसी भी राज्य में न तो अभी और न ही भविष्य में, किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए, इन राज्यों से आ रही खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं। पार्टी ने कहा कि उनकी कानूनी शाखा हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कराने और उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित राज्यों में वकीलों के साथ समन्वय कर रही है। उसने केंद्र सरकार, विशेषकर नड्डा और सिंह से यह भी कहा कि वे बातचीत के दौरान किए गए वादे को पूरा करें और यह सुनिश्चित करें कि हिरासत में लिए गए लोग रिहा किए जाएं और देश में कहीं भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई ‘जबरदस्ती या बदले की कार्रवाई’ न की जाए।
बयान में कहा गया, ‘दर्ज की गई प्राथमिकी भी वापस ली जानी चाहिए।’ कॉजपा ने कहा कि केंद्र ने इस मुद्दे पर मंगलवार तक लिखित गारंटी देने का वादा किया था और उन्हें उस वादे को पूरा करने की याद दिलाई। उसने चेतावनी दी कि इस आश्वासन का कोई भी उल्लंघन ‘युवाओं के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य’ होगा।