केरल विधानसभा चुनाव 2026: धर्मदम सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए धर्मदम सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, भाजपा के के. रंजीत और यूडीएफ के वीपी अब्दुल रशीद के बीच चुनावी जंग होगी। इस सीट का राजनीतिक महत्व बढ़ गया है, और सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। क्या विजयन अपनी जीत को बरकरार रख पाएंगे? जानिए पूरी कहानी।
Apr 6, 2026, 17:36 IST
केरल विधानसभा चुनाव की तैयारी
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 09 अप्रैल 2026 को होगा, जबकि मतगणना 04 मई 2026 को निर्धारित है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों के साथ तैयारियों में जुट गए हैं। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ दोनों ही सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली एलडीएफ की पिनरायी विजयन सरकार को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बार राज्य में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।
धर्मदम सीट का महत्व
कन्नूर जिले की धर्मदम सीट केरल विधानसभा चुनाव में एक महत्वपूर्ण सीट बन चुकी है। यहां से मुख्यमंत्री पिनराई विजयन फिर से चुनावी मैदान में हैं। भाजपा ने इस सीट से के. रंजीत को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि यूडीएफ ने एडवोकेट वीपी अब्दुल रशीद को मैदान में उतारा है। इस प्रकार, धर्मदम सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। यह सीट मुख्यमंत्री विजयन के अधीन है, जिससे इसका राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।
चुनाव में चुनौती
धर्मदम सीट पर भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही वामपंथी गढ़ विजयन को चुनौती दे रहे हैं। मतदाताओं के सामने निरंतरता और बदलाव का विकल्प है। विजयन को युवा नेता वीपी अब्दुल रशीद और राज्य सचिव के रंजीत से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। यह सीट हमेशा सीपीआई (एम) के प्रति विश्वास जताती रही है। 2011 में के. नारायणन ने यहां जीत हासिल की थी, जबकि 2016 और 2021 में पिनराई विजयन ने इस सीट पर विजय प्राप्त की थी। सीपीआई (एम) को उम्मीद है कि विजयन इस बार भी बड़े अंतर से जीतेंगे।