केरल में स्कूल प्रश्नोत्तरी विवाद: वीडी सावरकर को स्वतंत्रता सेनानी बताने पर उठे सवाल
प्रश्नोत्तरी में विवादास्पद सवाल
तिरुवनंतपुरम, 8 अगस्त: केरल में एक स्कूल प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर को 'ब्रिटिश शासन से सबसे कठोर सजा पाने वाला' स्वतंत्रता सेनानी बताने पर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री एन शमसुद्दीन ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मंत्री के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि शमसुद्दीन ने सामान्य शिक्षा निदेशक को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि प्रश्नोत्तरी किसने तैयार की और कार्यक्रम का आयोजन किसने किया।
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई
बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि शमसुद्दीन ने जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। 6 अगस्त को कासरगोड, कुंबला और मंजेश्वरम के प्राथमिक विद्यालयों में 'फ्रीडम क्विज' का आयोजन किया गया था। यह कार्यक्रम न तो समाज विज्ञान क्लब का हिस्सा था और न ही सामान्य शिक्षा विभाग के गतिविधि कैलेंडर में शामिल था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
खबरों के अनुसार, प्रश्नावली को सामाजिक विज्ञान क्लब से जुड़े शिक्षकों ने तैयार किया था। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और वामपंथी छात्र संगठनों ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर 'संघ परिवार के एजेंडे के साथ खड़े होने' का आरोप लगाया।
सावरकर का महिमामंडन
माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने यूडीएफ सरकार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ 'मिलीभगत' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सावरकर के 'असली इतिहास' को छिपाने और उनका महिमामंडन करने की कोशिशें की जा रही हैं। विजयन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और आरएसएस 'इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश' कर रहे हैं।
शिक्षा नीति पर सवाल
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को केरल में केंद्र की नई शिक्षा नीति के संदर्भ में देखना चाहिए। पूर्व सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि प्रश्नोत्तरी में शामिल सवाल राज्य के सामान्य शिक्षा क्षेत्र का 'भगवाकरण' करने और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को विकृत करने का प्रयास है।
सामाजिक मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
माकपा की छात्र इकाई 'स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसएफआई) के प्रदेश सचिव पीएस संजीव ने आरोप लगाया कि इस प्रश्नोत्तरी का उद्देश्य सावरकर को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में प्रस्तुत करना था। उन्होंने सावरकर को महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में शामिल आरोपियों में से एक बताया।
सरकार की आलोचना
मत्तन्नूर से विधायक और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के प्रदेश सचिव के सानोज ने भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आयोजित प्रश्नोत्तरी में सावरकर का महिमामंडन करने वाला सवाल शामिल करना अनुचित है। आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता एमके मुनीर ने कहा कि सावरकर को देशभक्त के रूप में पेश करना आरएसएस और भाजपा के एजेंडे का हिस्सा है।