केरल में शिक्षक का निलंबन: विवादित क्विज प्रश्न पर कार्रवाई
केरल में शिक्षक का निलंबन
तिरुवनंतपुरम, 9 अगस्त: केरल के सामान्य शिक्षा विभाग ने एक शिक्षक को एक विवादास्पद क्विज प्रश्नावली के कारण निलंबित करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, 'सोशल साइंस क्लब फ्रीडम क्विज-2026' में वी. डी. सावरकर को उस स्वतंत्रता सेनानी के रूप में दर्शाया गया था, जिसे अंग्रेजों द्वारा सबसे अधिक दंडित किया गया था।
यह प्रश्नावली कासरगोड जिले के स्कूलों में लागू की गई थी। सामान्य शिक्षा निदेशक स्नेहिल कुमार सिंह ने कुंबला उप-जिले के 'एडेड अपर प्राइमरी स्कूल' (एयूपीएस), पल्लथड़का के शिक्षक गुरु प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया।
इस कार्रवाई का आधार कासरगोड के उप शिक्षा निदेशक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट है, जो इस विवाद की जांच के बाद तैयार की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि 6 अगस्त को कुंबला और मंजेश्वर उप-जिलों के स्कूलों में लोअर प्राइमरी, अपर प्राइमरी और हाई स्कूल के छात्रों के लिए इस क्विज का आयोजन किया गया था।
लोअर प्राइमरी वर्ग की प्रश्नावली में 15 प्रश्न और पांच टाई-ब्रेकर प्रश्न शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि पांचवें प्रश्न में पूछा गया था, 'कौन-से स्वतंत्रता सेनानी को अंग्रेजों द्वारा सबसे अधिक सजा मिली?' इस प्रश्न का उत्तर वी. डी. सावरकर के रूप में दिया गया था, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ और व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। इसके बाद शिक्षा अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और वामपंथी छात्र संगठनों ने इस मुद्दे पर आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर शिक्षा क्षेत्र में 'संघ परिवार के एजेंडे' को प्रवेश देने का आरोप लगाया। माकपा के नेता पिनराई विजयन ने यूडीएफ सरकार पर आरएसएस के साथ 'मिलीभगत' का आरोप लगाया और कहा कि सावरकर के 'वास्तविक इतिहास को छिपाने' का प्रयास किया जा रहा है।
सामान्य शिक्षा निदेशक के आदेश के अनुसार, प्रश्नपत्र गुरु प्रसाद के नेतृत्व में शिक्षकों की एक टीम ने तैयार किया था। जांच के बाद उप शिक्षा निदेशक ने जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। सामान्य शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रबंधक को भी गुरु प्रसाद के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए हैं और उप शिक्षा निदेशक को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।