केरल में भारी बारिश के लिए जारी किया गया रेड अलर्ट, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी
केरल में मौसम का अलर्ट
तिरुवनंतपुरम, 6 अगस्त: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केरल के तीन जिलों में बृहस्पतिवार को अत्यधिक बारिश की चेतावनी देते हुए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जल स्तर घटने लगा है। मौसम विभाग ने पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों के लिए दिनभर का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
‘रेड अलर्ट’ का मतलब है कि 24 घंटे में 204 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना है, जबकि ‘ऑरेंज’ अलर्ट 115 से 204 मिलीमीटर तक की बारिश को दर्शाता है। इसके अलावा, कोल्लम, अलप्पुझा, एर्णाकुलम, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए भी ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम और एर्णाकुलम के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घटने लगा है।
हालांकि, अलप्पुझा जिले के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति अभी भी बनी हुई है, लेकिन जल स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। अलप्पुझा जिला प्रशासन के अनुसार, चेरथला, अंबालापुझा, कुट्टनाड, कार्तिकप्पल्ली, मावेलिक्करा और चेंगन्नूर तालुकों में 118 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां 5,012 परिवारों के 14,646 लोग रह रहे हैं।
अलप्पुझा-चंगनास्सेरी और अंबालापुझा-तिरुवल्ला मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें अभी भी जलमग्न हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है। शुक्रवार के लिए पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है।
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों को भारी बारिश के दौरान नदियों और जलाशयों में जाने से मना किया है। प्राधिकरण ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और झरनों, जलाशयों तथा पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर जाने से भी परहेज करने का अनुरोध किया है। वाहन चालकों को जलाशयों के पास की सड़कों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारी बारिश में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
प्राधिकरण ने लोगों को नदियों और जलाशयों पर बने पुलों पर घूमने या सेल्फी लेने से बचने और पर्वतीय क्षेत्रों में रात के समय यात्रा न करने की सलाह दी है। इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली के खंभों के क्षतिग्रस्त होने की संभावनाओं के प्रति भी चेतावनी दी गई है।