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केरल में भारी बारिश के कारण रेड अलर्ट जारी, राहत कार्य जारी

केरल में भारी बारिश के चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलप्पुझा, कोट्टायम और कासरगोड जैसे क्षेत्रों में जलमग्नता के कारण लोग राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। सरकार ने सफाई कार्य और वित्तीय सहायता की घोषणा की है। जानें इस आपदा के प्रभाव और राहत कार्यों के बारे में अधिक जानकारी।
 

केरल में मौसम की स्थिति

तिरुवनंतपुरम, 4 अगस्त: केरल के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ये जिले पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड हैं। इसके अतिरिक्त, अलप्पुझा, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम में ऑरेंज अलर्ट और तिरुवनंतपुरम तथा कोल्लम में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।


अलर्ट का विवरण

रेड अलर्ट का मतलब है कि अगले 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा की संभावना है। वहीं, ऑरेंज अलर्ट 11 से 20 सेंटीमीटर की भारी बारिश और येलो अलर्ट 6 से 11 सेंटीमीटर की बारिश की चेतावनी देता है। IMD ने बताया कि मंगलवार को सुबह 5:30 बजे समाप्त हुए 21 घंटों में उत्तरी जिलों में सबसे अधिक वर्षा हुई।


जलमग्न क्षेत्र और राहत कार्य

बारिश के चलते अलप्पुझा, पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम और कोझिकोड के कई निचले और नदी के किनारे के इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस आपदा में कई लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेज और बच्चों की किताबें भी बह गई हैं। राज्य के पर्यटन मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने कहा कि बाढ़ में खोए दस्तावेजों को फिर से बनाने के लिए विशेष अदालतें स्थापित की जाएंगी और बच्चों को आवश्यक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।


सरकारी सहायता

सरकार ने प्रत्येक वार्ड में सफाई कार्य के लिए 25,000 रुपये की मंजूरी दी है, और कई स्वयंसेवी संगठन उन घरों की सफाई में मदद कर रहे हैं, जहां पानी भर गया था। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि जिन लोगों ने अपने घर और आजीविका खो दी है, उन्हें तुरंत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।


वर्षा की मात्रा

IMD के अनुसार, कासरगोड के बायार में 3 अगस्त को तड़के 3 बजे से आधी रात तक 121.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कासरगोड के मुलियार में 81 मिलीमीटर और कन्नूर हवाई अड्डे पर 74 मिलीमीटर वर्षा हुई। कोझिकोड के उरुमी में 65 मिलीमीटर वर्षा हुई।


नदियों का जलस्तर

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुवाट्टुपुषा और तोडुपुषा नदियों का जलस्तर मंगलवार सुबह चेतावनी के स्तर से ऊपर बना हुआ था, लेकिन अब यह घट रहा है। मुवाट्टुपुषा नदी का जलस्तर सुबह 8 बजे 11.60 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 10.92 मीटर से ऊपर है। तोडुपुषा नदी का जलस्तर भी सुबह 8 बजे 11.50 मीटर था।


सतर्कता की आवश्यकता

अधिकारियों ने नदियों पर नजर रखने की बात कही है और तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि मानसून के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है।