केरल के मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के लिए नई योजनाओं की घोषणा की
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने राज्य के विकास के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत की है, जिसमें केरल को एक प्रमुख बंदरगाह केंद्र और दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा विमानन केंद्र बनाने की योजना शामिल है। उन्होंने बुनियादी ढांचे में सुधार, भूमि अधिकारों और बजट पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया और सतत विकास को प्राथमिकता देने की बात की। इस लेख में मुख्यमंत्री की योजनाओं और राज्य की वित्तीय स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई है।
May 29, 2026, 18:46 IST
मुख्यमंत्री का परिवर्तनकारी दृष्टिकोण
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शुक्रवार को राज्य के विकास के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत की, जिसमें केरल को एक प्रमुख बंदरगाह केंद्र और दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा विमानन केंद्र बनाने की योजना शामिल है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
बंदरगाह और विमानन केंद्र का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केरल को एक प्रमुख बंदरगाह केंद्र में बदलना है। इसके साथ ही, उच्च शिक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण किया जाएगा और विश्वविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा और जन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात की और कहा कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जल्द ही शुरू की जाएगी। सतत विकास को प्राथमिकता देने की बात भी उन्होंने की।
भूमि अधिकार और बजट पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिकार और क्षेत्रीय कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिना शर्त भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे और पुराने भूमि कानूनों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित किया जाएगा। बजट घोषणाएं इन सभी उद्देश्यों के अनुरूप होंगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग भूमि अधिग्रहण
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से राष्ट्रीय राजमार्ग भूमि अधिग्रहण के लिए दिए गए ₹5,580 करोड़ को राज्य की ऋण सीमा से बाहर रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने बुनियादी ढांचे में राज्य के वित्तीय योगदान और इसके ऋण क्षमता पर प्रभाव को भी उजागर किया।
राज्य की वित्तीय स्थिति
मुख्यमंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति की तकनीकी बारीकियों को समझाते हुए कहा कि वास्तविक उधार सीमा कागजों पर दिखाई देने वाली सीमा से कहीं अधिक सीमित है। उन्होंने बताया कि राज्य की उधार सीमा 3.5 प्रतिशत है, जिसमें से 0.5 प्रतिशत सशर्त है।