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केरल के मुख्यमंत्री ने उद्योगपति की मौत की न्यायिक जांच की मांग की

केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर उद्योगपति सी.जे. रॉय की आत्महत्या की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने इस घटना को कर प्रशासन पर धब्बा बताते हुए प्रक्रियागत चूक पर चिंता जताई। विजयन ने रॉय के परिवार द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों का भी उल्लेख किया और एक स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है।
 

मुख्यमंत्री विजयन का पत्र

केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र भेजकर उद्योगपति सी.जे. रॉय की "अस्वाभाविक मौत" की न्यायिक जांच की मांग की है। रॉय ने 30 जनवरी को बेंगलुरु में अपने आवास पर आयकर विभाग की तलाशी के दौरान आत्महत्या कर ली थी। विजयन ने इस घटना को "देश के कर प्रशासन पर एक धब्बा" करार दिया और तलाशी के दौरान हुई कथित प्रक्रियागत चूक पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने यह सवाल उठाया कि अधिकारियों की उपस्थिति में रॉय को भरी हुई बंदूक कैसे मिली, इसे प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन बताया।


आयकर अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने रॉय के परिवार द्वारा लगाए गए आयकर अधिकारियों के उत्पीड़न के आरोपों का भी उल्लेख किया और उद्योगपति के भाई के बयानों का हवाला दिया। विजयन ने कहा कि केवल एक स्वतंत्र न्यायिक जांच, जो संवैधानिक न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में हो, ही सच्चाई को उजागर कर सकती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती है। कर्नाटक पुलिस द्वारा जांच की प्रक्रिया को स्वीकार करते हुए, उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं, उचित सावधानी और संबंधित अधिकारियों के आचरण की जांच के लिए एक व्यापक जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। विजयन ने केंद्र से अनुरोध किया कि वह तुरंत न्यायिक जांच का आदेश दे और समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने की सुनिश्चितता करे।


बेंगलुरु पुलिस की विशेष जांच टीम

बेंगलुरु पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया

इस बीच, बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह (आईपीएस) ने कॉन्फिडेंट ग्रुप के अध्यक्ष की मौत की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस दल का नेतृत्व पश्चिमी जोन के संयुक्त पुलिस आयुक्त सी वामशी कृष्णा (आईपीएस) कर रहे हैं, जबकि दक्षिणी डिवीजन के पुलिस उपायुक्त लोकेश जगलासर (आईपीएस) जांच अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। मध्य डिवीजन के पुलिस उपायुक्त अक्षय हाके (आईपीएस) और विभिन्न डिवीजनों तथा विशेष इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दल का हिस्सा होंगे। एसआईटी को जांच के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त अधिकारियों और संसाधनों को शामिल करने का अधिकार दिया गया है।