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केजरीवाल ने E20 पेट्रोल पर केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह E20 पेट्रोल को जनता पर थोप रही है, जिससे वाहनों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की योजना बनाई है और जनता से सुझाव मांगे हैं। केजरीवाल का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण गाड़ियों की दक्षता कम हो रही है और लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा उन्होंने और कर्नाटक के गृह मंत्री की क्या प्रतिक्रिया रही।
 

E20 पेट्रोल पर केजरीवाल के आरोप

आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता पर E20 पेट्रोल थोप रही है। उनका कहना है कि इससे वाहनों को नुकसान हो रहा है और ईंधन की दक्षता भी घट रही है। केजरीवाल ने X पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है। 30 जून को केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह केवल एक प्रयोग है और आगे की कार्रवाई इसके परिणामों पर निर्भर करेगी। जब यह जानकारी मीडिया में आई, तो केंद्र सरकार ने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।


सरकार के प्रयोग पर सवाल

केजरीवाल ने सरकार के दृष्टिकोण पर सवाल उठाते हुए कहा, "यह किस प्रकार का प्रयोग है? आपने सभी लोगों और वाहनों के लिए इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल अनिवार्य कर दिया है, और अब आप इसे 'प्रयोग' कह रहे हैं? क्या आप उन लोगों को मुआवज़ा देंगे जिनकी गाड़ियाँ खराब हो रही हैं?" उन्होंने यह भी कहा कि इथेनॉल के मिश्रण के कारण वाहनों में खराबी आ रही है और उनके पुर्जों को नुकसान हो रहा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पूरा देश मोदी सरकार के लिए एक प्रयोगशाला बन गया है।


प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की योजना

उन्होंने आगे कहा कि यदि लोग इसका विरोध कर रहे हैं, तो इसे उन पर क्यों थोप रहे हैं? उन्होंने कहा कि जनता ने आपको वोट दिया है, इसलिए उनके वोट का सम्मान करना और उनकी बात सुनना आपका कर्तव्य है। केजरीवाल ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की योजना बनाई और जनता से सुझाव मांगे। उन्होंने कहा, "मैं इस मामले पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने जा रहा हूं। कृपया मुझे डीएम करें और बताएं कि मुझे पत्र में क्या लिखना चाहिए।"


कर्नाटक के गृह मंत्री की आलोचना

AAP नेता की ये टिप्पणियाँ E20 पेट्रोल के प्रभाव को लेकर उठाई गई चिंताओं के बाद आईं। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्र सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिना पर्याप्त सबूत और सार्वजनिक सलाह-मशविरे के इथेनॉल मिश्रित ईंधन पेश किया है, जिससे 3.6 करोड़ भारतीयों को एक प्रयोग का हिस्सा बना दिया गया है। खड़गे ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की दलीलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने माना है कि वह अभी भी इथेनॉल के मिश्रण के प्रभाव का आकलन कर रही है, जबकि उसने बिना पर्याप्त सार्वजनिक सलाह-मशविरे के यह नीति लागू कर दी है।