केजरीवाल और मालवीय के बीच एथनॉल मिश्रण पर तीखी बहस
सोशल मीडिया पर बहस का आगाज़
नई दिल्ली, 6 अगस्त: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी प्रमुख अमित मालवीय के बीच बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तीखी नोकझोंक हुई। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार डीजल और विमान टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) में एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है। इस पर मालवीय ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह 'फर्जी खबर' फैलाकर बेवजह 'दहशत' पैदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र ने स्पष्ट किया है कि ई20 से अधिक एथनॉल मिलाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
ई20 ईंधन का महत्व
ई20 एक ऐसा ईंधन है जिसमें 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथनॉल होता है। केजरीवाल ने यह दावा किया कि सरकार जल्द ही डीजल में भी एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नए पेट्रोल और डीजल वाहन फिलहाल न खरीदें। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार विमान टर्बाइन ईंधन में भी एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है।
केजरीवाल के आरोप
केजरीवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि ई20 ईंधन व्यवस्था लागू करने के बाद सरकार पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा बढ़ाकर 50 प्रतिशत से अधिक करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, 'ऐसा पता चल रहा है कि वे पेट्रोल में 50 प्रतिशत से अधिक एथनॉल मिलाने वाले हैं। वे बस माहौल शांत होने का इंतजार कर रहे हैं।'
मालवीय का जवाब
मालवीय ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल का तर्क तथ्यों पर आधारित नहीं है, बल्कि 'भय' फैलाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, 'सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई20 से अधिक एथनॉल मिश्रण बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। काल्पनिक ई50 पर बहस छेड़ना भय फैलाने की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है।'
ई20 की प्रक्रिया
मालवीय ने यह भी कहा कि ई20 का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया है और यह कार्यक्रम पिछले दो दशकों से चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ई20 लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण किए गए और सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श किया गया। 'आप' ने ई20 पेट्रोल व्यवस्था को बढ़ावा देने की सरकार की नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि एथनॉल मिश्रित ईंधन से वाहन मालिकों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।