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केंद्रीय वित्त मंत्री ने पेश किया ऐतिहासिक बजट 2026-27

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में बजट 2026-27 पेश किया, जो उनके लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। इस बजट में कोई नया आयकर स्लैब नहीं जोड़ा गया है, लेकिन कई क्षेत्रों में राहत और निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। बजट का कुल आकार ₹53.5 लाख करोड़ है, जिसमें रक्षा, स्वास्थ्य, और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विशेष आवंटन शामिल हैं। जानें इस बजट की प्रमुख घोषणाएं और उनके प्रभाव के बारे में।
 

बजट की प्रमुख बातें

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया, जो उनके लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। इस बजट को कर्तव्य भावना से तैयार किया गया है, जो तीन मुख्य कर्तव्यों पर केंद्रित है: आर्थिक विकास को गति देना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ, सबका विकास सुनिश्चित करना।


बजट में कोई नया आयकर स्लैब नहीं

बजट में आयकर स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और व्यक्तिगत आयकर छूट का कोई नया ऐलान नहीं किया गया। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों में राहत और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।


मुख्य घोषणाएं और हाइलाइट्स

  • पूंजीगत व्यय (Capex) में वृद्धि: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कैपेक्स को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9% अधिक है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को नई गति प्रदान करेगा।
  • टैक्स राहत:
    • विदेशी यात्रा पैकेज, शिक्षा और चिकित्सा के लिए TCS दर में कमी की गई है।
    • 17 एंटी-कैंसर दवाओं और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम्स ड्यूटी से पूरी छूट दी गई है।
    • भारत में निवास करने वाले विदेशी नागरिकों की विदेश से होने वाली आय पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
  • रक्षा क्षेत्र: रक्षा मंत्रालय को ₹7.8 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15% अधिक है।
  • एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग: एमएसएमई को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए विशेष फंड और योजनाएं, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम में वृद्धि (₹40,000 करोड़), बायोफार्मा 'शक्ति' योजना (₹10,000 करोड़) शामिल हैं।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, रेयर अर्थ कॉरिडोर (ओडिशा, केरल, आंध्र, तमिलनाडु), कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम, और सिटी इकोनॉमिक रीजन की योजना बनाई गई है।
  • स्वास्थ्य और शिक्षा: NIMHANS-2 (दूसरा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान), 5 रीजनल मेडिकल हब्स (मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए), 3 नए आयुर्वेदिक संस्थान, और स्वास्थ्य कार्यबल विकास की योजनाएं शामिल हैं।
  • किसानों और छोटे टैक्सपेयर्स: किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल 'भारत विस्तार', छोटे टैक्सपेयर्स के लिए ऑटोमेटेड प्रक्रिया, और संशोधित ITR दाखिल करने की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ाई गई है।
  • अन्य विशेष: तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश सीमा पर बर्ड वॉचिंग ट्रेन, और क्षेत्रीय विकास के कई कदम उठाए गए हैं।


बजट का कुल आकार और बाजार की प्रतिक्रिया

बजट का कुल आकार ₹53.5 लाख करोड़ अनुमानित है, जबकि फिस्कल डेफिसिट 4.3% पर लक्षित है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।


शेयर बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया मिश्रित रही, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।