×

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस और BRS की आलोचना की

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति (BRS) की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया का विरोध करने के लिए आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां मजलिस पार्टी के साथ मिलकर काम कर रही हैं। ओवैसी ने भी इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और तेलंगाना में SIR प्रक्रिया का क्या प्रभाव पड़ेगा।
 

केंद्रीय मंत्री का बयान

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति (BRS) की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ उठाए गए सवालों की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों दल मजलिस पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।


तेलंगाना में SIR प्रक्रिया की स्थिति

रेड्डी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि SIR प्रक्रिया देश के विभिन्न राज्यों में लागू की जा चुकी है, और तेलंगाना में कांग्रेस और BRS के विरोध पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि तेलंगाना में ये पार्टियां SIR के खिलाफ बयान दे रही हैं, जबकि वे मजलिस पार्टी के साथ मिली हुई हैं।'


मुख्यमंत्री पर आरोप

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि यह उनकी ही सरकार के अधिकारियों द्वारा संचालित की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे राज्य के अधिकारियों में अविश्वास व्यक्त कर रहे हैं।


ओवैसी की चिंता

गुरुवार को, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना में चल रही मतदाता सूची के SIR प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। उन्होंने इसे अनावश्यक रूप से जटिल और नागरिकों के लिए संभावित रूप से खतरनाक बताया।


मीसेवा केंद्रों की सराहना

ओवैसी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा 'मीसेवा' केंद्रों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की, लेकिन कहा कि मौजूदा SIR प्रक्रिया आम मतदाता के लिए कठिनाई भरी है। उनकी पार्टी हजारों लोगों को 2002 की जानकारी को मैप करने में मदद कर रही है ताकि कोई भी असली वोटर अंतिम सूची से बाहर न रह जाए।


SIR प्रक्रिया का कार्यान्वयन

तेलंगाना में SIR प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फ़ॉर्म वितरित कर रहे हैं। ड्राफ्ट रोल 31 जुलाई को जारी किए जाएंगे, और दावों और आपत्तियों का दौर 31 जुलाई से 30 अगस्त तक चलेगा। अंतिम वोटर लिस्ट 1 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। मुख्यमंत्री रेड्डी ने सभी मंत्रियों और विधायकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।