केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने एआईएमआईएम के वॉकआउट की की आलोचना
संजय कुमार की तीखी प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने विधानसभा में वंदे मातरम के पूर्ण पाठ के दौरान एआईएमआईएम के सदस्यों के वॉकआउट की कड़ी निंदा की। यह घटना बजट सत्र की शुरुआत में हुई। हालांकि, एआईएमआईएम के सदस्य राष्ट्रगान के समय वापस लौट आए। वंदे मातरम के दौरान उनके मंच से बाहर जाने पर संजय कुमार ने अपने सोशल मीडिया पर इस कदम की आलोचना करते हुए इसे भारत के राष्ट्रीय गीत और भारत माता का अपमान बताया।
वॉकआउट का गंभीर आरोप
भाजपा नेता ने कहा कि यह वॉकआउट राष्ट्रगान का अपमान है और एआईएमआईएम की भारतीय रीति-रिवाजों और देशभक्ति के प्रति घृणा को उजागर करता है। उन्होंने इसे केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान को धूमिल करने का प्रयास बताया, जिससे पार्टी का असली चेहरा सामने आया है। संजय कुमार ने कहा कि यह राष्ट्रगान और मातृभूमि की भावना का सीधा अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि एआईएमआईएम को भारतीय प्रतीकों से इतनी नफरत क्यों है।
भाजपा प्रवक्ता की प्रतिक्रिया
भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एन.वी. सुभाष ने इस घटना को घोर निंदनीय और राष्ट्र एवं संवैधानिक मूल्यों का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि एक पार्टी, जो बार-बार संविधान के खतरे की बात करती है, वह देश के सबसे पवित्र राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति इस तरह की अवहेलना दिखाती है। एएनआई से बात करते हुए प्रकाश रेड्डी ने कहा कि एआईएमआईएम के विधायकों ने न केवल तेलंगाना या हैदराबाद के लोगों का अपमान किया, बल्कि पूरे देश का अपमान किया।
देश के प्रति आस्था का अभाव
उन्होंने आगे कहा कि एआईएमआईएम के सदस्य इस देश की जनता के सामने बेनकाब हो गए हैं। वंदे मातरम गीत के बहिष्कार के कारण वे विधानसभा से बाहर चले गए। प्रकाश रेड्डी ने कहा कि यह राष्ट्र का अपमान है और यह इस देश की जनता का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि एआईएमआईएम में भारत के प्रति कोई आस्था नहीं है; उनका केवल इस्लाम के प्रति वफादारी है, न कि इस देश और संविधान के प्रति।