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केंद्र सरकार का नया विधेयक: परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कड़े कदम

केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक नया विधेयक पेश करने की योजना बनाई है, जिसमें पेपर लीक और अनुचित साधनों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है। यह विधेयक लोकसभा में पेश किया जाएगा और इसके तहत दोषियों को पांच से दस साल की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है। यह कदम नीट पेपर लीक के बाद उठाया गया है, जिससे लाखों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।
 

परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नया विधेयक

भारत में सार्वजनिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुचिता को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। पेपर लीक और अनुचित साधनों के उपयोग पर रोक लगाने के लिए, सरकार सोमवार को लोकसभा में एक नया संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024' में संशोधन से संबंधित यह विधेयक सदन की कार्यसूची में शामिल किया गया है।


विधेयक की प्रमुख विशेषताएँ

विधेयक के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है, साथ ही 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। संगठित अपराधों के लिए, कम से कम सात साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना प्रस्तावित है।


प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रावधान है, जो आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।


नीट पेपर लीक के बाद का कदम

नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार ने यह विधेयक पेश करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति बनाने की भी घोषणा की है।


युवाओं के भविष्य की सुरक्षा

इस विधेयक के संसद में पारित होने से देशभर के लाखों छात्रों और अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि त्वरित न्याय और कड़ी सजा के माध्यम से पेपर लीक सिंडिकेट को समाप्त किया जाए, ताकि मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।