कुशीनगर में नौकरी के झांसे में फंसे 453 नेपाली युवाओं का रेस्क्यू
कुशीनगर में बंधक बनाए गए नेपाली युवक-युवतियों का मामला
कुशीनगर समाचार: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां नौकरी के नाम पर कई नेपाली युवक-युवतियों को बंधक बना कर रखा गया था। प्रशासन ने शनिवार को कसया नगर के सपहा मार्ग स्थित एक प्रशिक्षण केंद्र से 453 नेपाली युवक-युवतियों को सोनौली सीमा के माध्यम से नेपाल भेज दिया।
आरोप है कि इन युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर यहां लाया गया था, और प्रशिक्षण के नाम पर उन्हें बंधक बना कर उत्पीड़न किया जा रहा था। यह मामला तब सामने आया जब नेपाली दूतावास को शिकायत मिली।
जानकारी के अनुसार, नगर सपहा मार्ग पर स्थित एक कंपनी में जनवरी से बड़ी संख्या में नेपाली युवक-युवतियां फैशन डिजाइनिंग, मार्केटिंग और नेटवर्किंग का प्रशिक्षण ले रहे थे। कुछ युवाओं ने नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास से शिकायत की कि उनसे प्रशिक्षण और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं और उन्हें बंधक बना कर रखा गया है।
शिकायत के बाद की गई कार्रवाई
शिकायत के बाद, नेपाली दूतावास के अधिकारी अंबिका जोशी के नेतृत्व में एसएसपी प्रणेश मल्ल और सहारा चापा गायत्री की एक टीम ने कसया का दौरा किया। टीम ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रशिक्षण केंद्र पर छापेमारी की। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही केंद्र बंद पाया गया और संचालक फरार हो गया।
पुलिस ने शिकायतकर्ताओं से पूछताछ के बाद नगर के विभिन्न वार्डों में किराए के मकानों में रह रहे 453 नेपाली युवक-युवतियों को चिह्नित किया। सभी को बसों के माध्यम से सोनौली सीमा तक पहुंचाया गया, जहां उन्हें नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
कसया के सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि 453 नेपाली युवक-युवतियों को सुरक्षित बरामद कर नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया है। केंद्र के संचालक की तलाश जारी है। कुछ अन्य नेपाली युवक-युवतियों के भी कसया में होने की सूचना मिली है, जिनकी खोजबीन की जा रही है। मामले की जांच चल रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट- कुंदन मिश्रा/ कुशीनगर